Punjab Congress : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने हालिया ग्वालियर-चंबल संभाग के दौरे के दौरान कांग्रेस की आंतरिक कलह पर तीखी टिप्पणी की है। मध्य प्रदेश और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों में कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी उठापटक को लेकर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जैसी करनी, वैसी भरनी।” यह बयान विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी और मध्य प्रदेश कांग्रेस में मची खींचतान की पृष्ठभूमि में आया है। हालांकि, सिंधिया ने विपक्षी दलों के आंतरिक मामलों में बहुत अधिक विस्तार से बोलने के बजाय एक कहावत के माध्यम से अपनी बात स्पष्ट की—कि जो जैसा बोएगा, वह वैसा ही काटेगा। उनका मानना है कि राजनीतिक दल अपने आंतरिक संघर्षों के स्वयं जिम्मेदार होते हैं।

शिवपुरी में ऑर्डनेंस फैक्ट्री: रक्षा क्षेत्र में नया कीर्तिमान
सिंधिया का पूरा ध्यान वर्तमान में क्षेत्र के विकास और प्रगति पर केंद्रित है। उन्होंने शिवपुरी में स्थापित होने जा रही नई आयुध (ऑर्डनेंस) फैक्ट्री के शिलान्यास को मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की औद्योगिक तस्वीर बदल देगी। यह फैक्ट्री न केवल रक्षा उत्पादों के निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी सृजित करेगी। सिंधिया ने इसे मध्य प्रदेश को देश के रक्षा विनिर्माण मानचित्र (Defence Manufacturing Map) पर एक गौरवशाली स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया है।

दतिया उपचुनाव और विकास की राजनीति का संकल्प
आगामी दतिया विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की जीत का पुरजोर दावा किया है। उन्होंने दतिया की जनता से भावुक अपील की कि वे प्रदेश में चल रही विकास की गति को बरकरार रखें। अपने पिछले कार्यों को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कैसे उन्होंने पहले भी दतिया में एयरपोर्ट और नई रेल सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र को कनेक्टिविटी की सौगात दी है। उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के विकास मॉडल पर भरोसा जताने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र की प्रगति का सिलसिला बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ता रहे।
‘रेस के घोड़े’ की तरह विकास के लक्ष्य पर केंद्रित सिंधिया
अपनी कार्यशैली के बारे में बात करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बहुत ही दिलचस्प और स्पष्ट उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “मैं दाएं-बाएं देखने वालों में से नहीं हूं। मैं उस रेस के घोड़े की तरह हूं, जिसकी आंखों पर पट्टियां बंधी होती हैं और उसकी नजरें सिर्फ ‘विकास और प्रगति’ के फिनिशिंग पॉइंट पर टिकी होती हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि एक समर्पित भाजपा कार्यकर्ता के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका एकमात्र ध्येय राष्ट्र निर्माण है। विपक्षी पार्टियों की आंतरिक समस्याओं पर व्यर्थ की चर्चा करने के बजाय, वे पूरी तरह से अपने विकास कार्यों को गति देने और देश को सशक्त बनाने की दिशा में समर्पित हैं।
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