Vaishno Devi Yatra Closed: माता वैष्णो देवी के आस्था मार्ग पर हर साल लाखों श्रद्धालु मनोवांछित फल की कामना लेकर निकलते हैं। लेकिन इस बार उनकी यात्रा में प्राकृतिक चुनौतियां भारी पड़ती दिख रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जम्मू संभाग में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताए जाने के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 5, 6 और 7 अक्टूबर 2025 तक यात्रा को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।

यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना या आपदा न हो। यात्रा 8 अक्टूबर से पुनः शुरू होगी।

तेज बारिश और भूस्खलन की आशंका
IMD ने जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में भारी बारिश के साथ भूस्खलन की भी चेतावनी जारी की है। पिछले अगस्त महीने में अर्धकुवारी के पास हुए भीषण भूस्खलन में करीब 30 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, और यात्रा मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस घटना ने प्रशासन और श्रद्धालुओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक कर दिया है।
इस बार मौसम विभाग की चेतावनी मिलते ही श्राइन बोर्ड ने यात्रा रोकने का त्वरित निर्णय लिया है। बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने कहा कि कटड़ा से भवन तक के मार्ग पर पहले से ही चट्टानों के खिसकने और जलभराव की समस्या देखी गई है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।
श्रद्धालुओं से अपील
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे 5 से 7 अक्टूबर के बीच यात्रा न करें और मौसम सामान्य होने पर ही दर्शन के लिए आएं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
मौसम में सुधार होने के बाद यात्रा सुचारू रूप से शुरू की जाएगी। प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति
जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में मौजूदा मौसम में बदलाव के कारण भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तटीय और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की समस्या हो सकती है। प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए आपातकालीन इंतजाम भी किए हैं और सतर्कता बढ़ा दी है।
यह कदम पिछले वर्ष हुई त्रासदी से सबक लेने के बाद उठाया गया है। उस हादसे में यात्रियों को भारी नुकसान हुआ था, जिससे यात्रा मार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे थे।
माता वैष्णो देवी की यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनी और पिछले अनुभव को ध्यान में रखते हुए यात्रा को तीन दिनों के लिए रोकना उचित कदम है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे इस दौरान यात्रा टालें और सुरक्षित मौसम में ही दर्शन करें।इस प्रकार का निर्णय यात्रियों की जान और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में सहायक होगा।











