Operation Cyber Shield: साइबर अपराध के खिलाफ रायपुर रेंज पुलिस की “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत एक बड़ी और अहम कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने देशभर में फैले म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ओडिशा, गुजरात, बिलासपुर और रायपुर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से शादी का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से ठगी की है।

नकली वेबसाइट्स और फर्जी प्रोफाइल से करते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह ने www.erishtaa.com, www.jeevanjodi.comऔर www.royalrishtey.comजैसी फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स तैयार की थीं। इन साइट्स पर आकर्षक प्रोफाइल्स बनाकर लोग को विवाह के नाम पर झांसे में लिया जाता था। जब विश्वास बन जाता, तो उनसे बैंक ट्रांजैक्शन, गिफ्ट या शादी से जुड़े खर्चों के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे।

म्यूल अकाउंट्स का चीन से कनेक्शन
पुलिस ने खुलासा किया है कि जिन 60 से अधिक म्यूल बैंक खातों का उपयोग ठगी में किया गया, उन्हें APK एप्लिकेशन के जरिए चीनी नागरिकों द्वारा रिमोटली कंट्रोल किया जा रहा था। इन खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग भी की जा रही थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का संकेत मिलता है।
बरामद हुआ भारी डिजिटल सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से
50 मोबाइल फोन,
10 डेस्कटॉप कंप्यूटर,
सैकड़ों सिम कार्ड,
और 60 से ज्यादा म्यूल बैंक अकाउंट्स की जानकारी बरामद की है।
हर आरोपी को बैंक खातों के माध्यम से होने वाले ट्रांजैक्शन पर कमीशन भी मिलता था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित और संगठित साइबर अपराध नेटवर्क था।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
गजसिंह सुना, निवासी बलांगीर (ओडिशा)
भिखु सचदेव (32 वर्ष), निवासी द्वारका (गुजरात)
साहिल कौशिक (23 वर्ष), निवासी तखतपुर (बिलासपुर)
हर्षित शर्मा (18 वर्ष), निवासी अरविंद नगर (रायपुर)
इनके खिलाफ थाना डीडी नगर में HDFC बैंक और थाना आजाद चौक में साउथ इंडियन बैंक के म्यूल अकाउंट से संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
IG अमरेश मिश्रा ने की अपील
रायपुर रेंज के IG अमरेश मिश्रा ने कहा है कि, “साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों को जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।” उन्होंने यह भी कहा कि बैंक खातों की जानकारी किसी के साथ साझा न करें और कोई भी लालच भरी स्कीम से सावधान रहें।
यह मामला यह साफ करता है कि ऑनलाइन फ्रॉड के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। खासतौर पर विवाह जैसे संवेदनशील विषय को अपराध का जरिया बनाया जा रहा है। इसलिए जरूरी है कि लोग ऑनलाइन सतर्कता और साइबर जागरूकता अपनाएं और किसी भी अनजान वेबसाइट, ईमेल या कॉल से सावधान रहें।
Read More : Raipur Fake Silver Loot: अय्याशी, सट्टा और कर्ज ने रचवाई 86 किलो चांदी की झूठी लूट, जांच में हुआ खुलासा











