Women’s World Cup 2025: महिला वर्ल्ड कप 2025 में साउथ अफ्रीका की स्टार सलामी बल्लेबाज़ ताजमिन ब्रिट्स ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 87 गेंदों में शानदार शतक जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाने के साथ-साथ कई कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिए हैं। यह उनका पिछले 5 वनडे मैचों में चौथा शतक है, जो महिला क्रिकेट इतिहास में एक दुर्लभ उपलब्धि है।

87 गेंदों में तूफानी शतक
कोलंबो के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रिट्स ने मात्र 87 गेंदों में शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी 89 गेंदों की पारी में 15 चौके और 1 छक्का लगाकर साउथ अफ्रीका की पारी को दमदार शुरुआत दी। उनके इस शतक की बदौलत टीम ने यह मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम किया।

5 मैचों में 4 शतक – सुनहरा फॉर्म
34 वर्षीय ताजमिन ब्रिट्स के लिए यह वर्ल्ड कप किसी सपने से कम नहीं रहा।
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वेस्टइंडीज के खिलाफ: 101 रन
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पाकिस्तान के खिलाफ: नाबाद 101 और 171 रन
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न्यूजीलैंड के खिलाफ: 100+ रन की पारी
उनकी लगातार शानदार पारियों ने साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट में इंग्लैंड से शुरुआती हार के बाद शानदार वापसी दिलाई है।
सबसे तेज़ 7 शतक का रिकॉर्ड
ब्रिट्स ने सिर्फ 41 पारियों में 7 वनडे शतक बनाकर ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने यह उपलब्धि 44 पारियों में हासिल की थी। यह महिला वनडे क्रिकेट में सबसे तेज़ 7 शतक लगाने का नया कीर्तिमान है।
स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा
भारतीय फैंस के लिए यह खबर थोड़ी चौंकाने वाली हो सकती है, क्योंकि ब्रिट्स ने भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना का भी एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंधाना ने 2024 में एक कैलेंडर ईयर में 4 वनडे शतक लगाए थे, जबकि अब ब्रिट्स 2025 में 5वां शतक जड़ चुकी हैं।
साउथ अफ्रीका की जीत की कुंजी बनीं ब्रिट्स
इंग्लैंड से शुरुआती हार के बाद साउथ अफ्रीका की महिला टीम थोड़ी डगमगाई थी, लेकिन ताजमिन ब्रिट्स ने अपनी स्थिरता और आक्रामकता से टीम को एक नई दिशा दी है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर यही प्रदर्शन जारी रहा, तो साउथ अफ्रीका पहली बार महिला वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने का सपना पूरा कर सकती है।
ताजमिन ब्रिट्स का यह प्रदर्शन महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। उनके रिकॉर्ड तोड़ शतक और निरंतरता ने उन्हें दुनिया की टॉप महिला बल्लेबाज़ों की फेहरिस्त में ला खड़ा किया है। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन न केवल टीम को मजबूत करता है, बल्कि युवाओं के लिए एक मिसाल भी बन जाता है।











