Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सहित कई इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से हवाई हमले और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं। बीती रात पाकिस्तान सेना ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर बमबारी की, जिसमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रमुख मुफ्ती नूर वली मेहसूद समेत कई अन्य कमांडर मारे गए हैं। इस हमले के बाद काबुल में कई जगह धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और धुएं के गुबार उठते देखे गए।

हवाई हमले का समय और अफगान विदेश मंत्री का भारत दौरा
यह हमला उस समय हुआ है, जब अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत के सात दिन के दौरे पर हैं। मुत्ताकी 9 अक्टूबर को भारत पहुंचे थे और 16 अक्टूबर तक यहां रहेंगे। उनके भारत दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और कई समझौतों पर हस्ताक्षर करना है। इस बीच पाकिस्तान की ओर से किया गया यह हमला क्षेत्रीय राजनीति में नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।

हमला कहां हुआ और इसका असर
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, काबुल के अब्दुल हक स्क्वायर के आसपास धमाके हुए और वहां के कई घरों को नुकसान पहुंचा है। अफगानिस्तान की अंतरिम तालिबानी सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की पुष्टि की है। उन्होंने ट्विटर पर बताया कि हवाई हमले में कई घर तबाह हुए और कुछ लोग घायल भी हुए हैं, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। मुजाहिद ने लोगों को घबराने से मना करते हुए कहा कि सेना हमले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के नेताओं पर निशाना
पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला खास तौर पर TTP के खिलाफ किया गया है। हवाई हमले में मुफ्ती नूर वली मेहसूद के साथ-साथ कमांडर कारी सैफुल्लाह मेहसूद और खालिद मेहसूद भी मारे गए। ये नेता पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा माने जाते थे और पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान में ही छिपे हुए थे। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया है।
राजनीतिक और क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अफगानिस्तान और भारत के बीच रिश्ते मजबूत हो रहे हैं, जिससे पाकिस्तान बौखला गया नजर आ रहा है। काबुल में हुए इस एयर स्ट्राइक से क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इस कार्रवाई से अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है और यह भारत-पाकिस्तान संबंधों में नई जटिलताएं उत्पन्न कर सकता है।
पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक ने न केवल तहरीक-ए-तालिबान के बड़े नेताओं को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि यह क्षेत्रीय राजनीति में भी एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। अफगान विदेश मंत्री के भारत दौरे के बीच यह हमला खासा संवेदनशील माना जा रहा है। इस हमले के बाद अफगानिस्तान में सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति पर कड़ी नजर बनी हुई है। अफगान सरकार ने स्थिति पर नजर रखी है और आने वाले दिनों में इस घटना की व्यापक जांच होने की संभावना है।











