Raipur IIIT case: छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (IIIT) में छात्राओं के अश्लील फोटो बनाने और वायरल करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी रहीम अदनान के पास से 1000 से अधिक अश्लील फोटो-वीडियो बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने AI (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल कर 36 छात्राओं के अश्लील फोटो बनाए थे और वह इसे केवल “मजे के लिए” कर रहा था। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में लगी है कि इन फोटो-वीडियो का आरोपी क्या करना चाहता था।

AI तकनीक का दुरुपयोग
पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अदनान के लैपटॉप और मोबाइल फोन में कोई विशेष फोटो-शॉपिंग या वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर नहीं था। उसने पूरी प्रक्रिया AI तकनीक की मदद से की। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह काम बिना किसी को बताए अकेले किया है और इन फोटो-वीडियो को किसी के साथ साझा नहीं किया। ये आपत्तिजनक फोटो और वीडियो संस्थान में हुए कार्यक्रमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से एकत्रित किए गए थे।

आरोपी की पृष्ठभूमि
रहीम अदनान बिलासपुर के एक सामान्य परिवार से है। वह स्कूल में एक मेधावी छात्र था और वर्तमान में IIIT में बीटेक के पांचवें सेमेस्टर में पढ़ रहा है। मेरिट के आधार पर उसे स्कॉलरशिप भी मिली हुई थी। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि छात्र ने इस कृत्य को गंभीरता से नहीं लिया और इसे केवल मजे के तौर पर अंजाम दिया। हालांकि, इस मामले ने शिक्षा संस्थान और छात्र समाज में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
घटना का खुलासा और पुलिस कार्रवाई
6 अक्टूबर को कई छात्राओं ने IIIT प्रबंधन से शिकायत की थी कि उनके अश्लील फोटो बनाए जा रहे हैं। इसके बाद 9 अक्टूबर को प्रबंधन ने राखी थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी रहीम अदनान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी इन फोटो-वीडियो का क्या इरादा रखता था।
सवाल – इन फोटो-वीडियो का क्या मकसद था?
पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस बात पर गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर 36 छात्राओं के अश्लील फोटो और वीडियो बनाने का मकसद क्या था। आरोपी के बयान के अनुसार यह सिर्फ “मजे के लिए” किया गया, लेकिन इसे गंभीरता से लेना जरूरी है क्योंकि यह छात्राओं की निजता का गंभीर उल्लंघन है और शिक्षा संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
शिक्षा संस्थान और सुरक्षा के कड़े नियमों की जरूरत
यह घटना दिखाती है कि आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह से हो सकता है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए शिक्षा संस्थानों को अपनी सुरक्षा और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना होगा। छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए संस्थान को कड़े नियम बनाकर तकनीकी दुरुपयोग को रोकने के उपाय करने होंगे।
रायपुर के IIIT में छात्राओं के अश्लील फोटो बनाने और फैलाने के इस मामले ने डिजिटल सुरक्षा और छात्र सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे मामले का पर्दाफाश होगा। यह घटना एक चेतावनी है कि आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल और छात्र सुरक्षा पर पूरा ध्यान देना कितना आवश्यक है।
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