Europe Diesel Reserve Release : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि यूरोप अपने बड़े डीजल भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बाजार में जारी करने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि डीजल जारी करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी। हालांकि, उनके शुरुआती बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि कितनी मात्रा में डीजल जारी किया जाएगा और किन-किन यूरोपीय देशों की इसमें भागीदारी होगी।
ईंधन संकट के बीच लिया गया अहम फैसला
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब ईरान युद्ध और वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की वजह से डीजल और अन्य ईंधनों की कीमतों पर दबाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका की ओर से यूरोपीय देशों से अपने आपात डीजल भंडार का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही थी। ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले अमेरिकी डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध की बात भी कही थी, जिससे वैश्विक ईंधन बाजार में चिंता बढ़ गई थी।
G7 देशों ने भी रिजर्व जारी करने पर बनाई सहमति
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को G7 देशों ने आपात भंडार से करीब 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन जारी करने पर सहमति जताई। योजना का उद्देश्य वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर बने दबाव को कम करना है। रिपोर्ट के अनुसार डीजल की आपूर्ति को शुरुआती चरण में प्राथमिकता देने की योजना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस सामूहिक कदम की जानकारी दी।
यूरोप में डीजल की कीमतों पर बढ़ा दबाव
डीजल आपूर्ति को लेकर यूरोप में पहले से ही दबाव बना हुआ है। रूस और पश्चिम एशिया से आपूर्ति में कमी तथा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मार्गों पर जारी तनाव के कारण यूरोपीय बाजार प्रभावित हुए हैं। ब्रिटेन में भी डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई थीं। ऐसे माहौल में रणनीतिक भंडार से ईंधन जारी करने के फैसले को बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिका भी डीजल आपूर्ति को लेकर चिंतित
अमेरिका वैश्विक डीजल बाजार में एक महत्वपूर्ण निर्यातक है और उसके डीजल निर्यात का बड़ा हिस्सा लैटिन अमेरिकी देशों को जाता है। हालांकि, घरेलू बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी के बीच अमेरिकी प्रशासन पर भी दबाव बढ़ा है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतों को लेकर अमेरिकी सरकार के सामने राजनीतिक और आर्थिक दबाव बना हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध की चर्चा तेज हुई।
तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट
यूरोप और G7 देशों के रिजर्व जारी करने की खबरों के बाद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। रॉयटर्स के अनुसार 1409 GMT पर ब्रेंट क्रूड 3.06 डॉलर यानी करीब 3 प्रतिशत गिरकर 99.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI 3.95 डॉलर यानी 4.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
यूरोपीय गैसऑयल फ्यूचर्स में भी गिरावट
डीजल कीमतों के प्रमुख बेंचमार्क माने जाने वाले यूरोपीय गैसऑयल फ्यूचर्स में भी करीब 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,386.75 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गया। सप्ताह के दौरान ब्रेंट में करीब 4.7 प्रतिशत और WTI में लगभग 3.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हो चुकी थी। रिजर्व जारी करने की खबर से बाजार में आपूर्ति को लेकर तत्काल चिंता कुछ कम हुई है।
ऊर्जा बाजार पर आगे भी रहेगी नजर
डीजल रिजर्व जारी करने की योजना से वैश्विक ईंधन आपूर्ति को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बाजार पर इसका वास्तविक प्रभाव जारी होने वाली मात्रा और उसकी गति पर निर्भर करेगा। फिलहाल तेल बाजार में ईरान युद्ध, आपूर्ति मार्गों और रणनीतिक भंडार से ईंधन जारी करने जैसे घटनाक्रम प्रमुख कारक बने हुए हैं।
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