Bijapur IED Blast: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर में शनिवार सुबह एक बार फिर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। जिले के ताडापल्ला नए एफओबी कैंप के पास नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में कोबरा बटालियन का हेड कांस्टेबल दीपक दूले गंभीर रूप से घायल हो गया। जवान ड्यूटी पर तैनात था, जब यह विस्फोट हुआ। घटना के बाद सुरक्षा बलों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया गया।

विस्फोट की घटना और घायल जवान की स्थिति
जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल दीपक दूले 206 टीम नंबर 11 के सदस्य हैं और वे शनिवार सुबह लगभग 8 बजे एरिया डोमिनेशन और डेप्थ प्रोटेक्शन ड्यूटी पर थे। इसी दौरान नक्सलियों ने पहले से लगे आईईडी को सक्रिय कर दिया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। साथी जवानों ने घायल दीपक दूले को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिया। अधिकारियों ने घायल जवान की स्थिति को स्थिर बताया है, लेकिन उसकी निगरानी जारी है।

सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बढ़ाई गई
विस्फोट के बाद इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं कि नक्सलियों ने आईईडी कब और कहां लगाया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नक्सली सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे थे और उसी आधार पर आईईडी विस्फोट की योजना बनाई गई। क्षेत्र में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि आगे किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
नक्सलियों की साजिश विफल करने की कोशिश
बीजापुर जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है जहां सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण पाने का प्रयास कर रहे हैं। नक्सली आईईडी विस्फोट के जरिए सुरक्षा बलों को आतंकित करने और उनके ऑपरेशनों को बाधित करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इस बार भी सुरक्षा बलों की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान होने से बचा जा सका।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पुलिस और कोबरा बटालियन के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल जवान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की हरकतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जल्द ही ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए व्यापक छापेमारी की जाएगी। सुरक्षा बल क्षेत्र में अपनी तैनाती और गश्त को और मजबूत कर रहे हैं।
बीजापुर में आईईडी विस्फोट से फिर यह बात साफ हो गई है कि नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तत्परता के कारण कई बार नक्सलियों की साजिशें नाकाम हो चुकी हैं। ऐसे हालात में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों का एकजुट रहना अत्यंत आवश्यक है ताकि बीजापुर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा कायम रह सके।











