Naxal Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली ऐतिहासिक सफलता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज 170 नक्सलियों ने अपने हथियार डाले हैं। इसके साथ ही, पिछले दो दिनों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को मिलाकर कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।

गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर जानकारी दी, “यह हमारे नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष का एक ऐतिहासिक दिन है। आज छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कल (बुधवार) राज्य में 27 नक्सलियों ने हथियार डाले थे। इसके अलावा, महाराष्ट्र में भी कल 61 नक्सली मुख्यधारा में लौटे।”

31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
अमित शाह ने देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मिली सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर (छत्तीसगढ़) जैसे क्षेत्र, जो कभी आतंक के अड्डे थे, आज नक्सल आतंक से मुक्त घोषित कर दिए गए हैं।
भाजपा सरकार बनने के बाद बड़ी सफलता
गृह मंत्री ने बताया कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद से नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है:
2100 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
1785 को गिरफ्तार किया गया है।
477 को मार गिराया गया है।
उन्होंने इन आंकड़ों को 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को नष्ट करने के दृढ़ संकल्प का आईना बताया।
आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत
अमित शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के संविधान में फिर से भरोसा जताने के निर्णय की सराहना की और कहा, “यह इस बात का प्रमाण है कि नक्सलवाद अपनी आख़िरी सांसें ले रहा है।”
उन्होंने सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए कहा, “जो आत्मसमर्पण करना चाहें उनका स्वागत है, और जो हथियार उठाकर चलते रहेंगे वे हमारी सेनाओं की कठोर प्रतिक्रिया झेलेंगे।” उन्होंने शेष बचे नक्सलियों से भी हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की लगातार कोशिशों का परिणाम है।











