Pakistan Afghanistan Conflict : पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद और राजनयिक गतिरोध एक बार फिर बेहद हिंसक मोड़ ले चुका है. हालिया घटनाक्रम में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करते हुए अफगानिस्तान के भीतर घुसकर कई हवाई हमलों (एयर स्ट्राइक) को अंजाम दिया है. इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच पहले से ही बेहद संवेदनशील चल रहे द्विपक्षीय संबंधों में भारी तनाव पैदा हो गया है. आतंकवाद और सीमावर्ती घुसपैठ के आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच हुए इस सैन्य एक्शन ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और शांति को खतरे में डाल दिया है. इस हवाई कार्रवाई के बाद से ही अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. तालिबान सरकार का दावा: खोस्त, कुनार और पक्तिका में गिराए गए बम अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (AP) की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान प्रशासन ने इस गंभीर हमले की आधिकारिक पुष्टि की है. तालिबान के मुख्य और केंद्रीय प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस सैन्य हमले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए बताया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख प्रांतों को अपना निशाना बनाया. मुजाहिद के बयान के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से यह बमबारी खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों के अलग-अलग आवासीय और रणनीतिक ठिकानों पर की गई है. इन तीनों प्रांतों की सीमाएं सीधे तौर पर पाकिस्तान से सटी हुई हैं, जिसके चलते इन्हें बेहद संवेदनशील माना जाता रहा है. हवाई हमलों में भारी तबाही, मासूम बच्चों और बुजुर्गों समेत 13 की मौत पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए इस औचक और भीषण हवाई हमले में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों और तालिबान प्रवक्ता द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक के कारण अब तक कुल 13 मासूम नागरिकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है. इस पूरी सैन्य कार्रवाई का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मारे गए लोगों में 11 मासूम बच्चे, 1 महिला और 1 बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं, जिनका किसी भी सैन्य गतिविधि से कोई सरोकार नहीं था. इसके अलावा, बमबारी की चपेट में आने की वजह से लगभग 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमलों की मंशा पर पाकिस्तान की चुप्पी और चीन के शांति प्रयासों को झटका इस पूरे मामले में एक हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई और बड़े पैमाने पर नागरिकों की मौत के बावजूद पाकिस्तान सरकार या उनकी सेना ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं की है. हमलों की सटीक तीव्रता और इसके पीछे की तात्कालिक वजहों के बारे में फिलहाल दोनों देशों की ओर से कोई स्पष्ट सैन्य बयान जारी नहीं किया गया है. गौर करने वाली बात यह है कि बीते फरवरी महीने के आखिरी हफ्तों से लेकर अब तक पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच कई हिंसक झड़पें और घातक हमले हुए हैं, जिनमें अब तक सैकड़ों निर्दोष लोगों और सैनिकों की जान जा चुकी है. हालांकि, कुछ समय पहले महाशक्ति चीन ने मध्यस्थता करते हुए दोनों देशों के बीच एक अस्थायी सीजफायर (युद्धविराम) कराया था, लेकिन इस नए हमले ने चीन के उन शांति प्रयासों को पूरी तरह से मटियामेट कर दिया है. Gorakhpur Crime : गोरखपुर में मां की तेरहवीं के खर्च पर विवाद, कलयुगी भाई ने छोटे भाई को उतारा मौत के घाट

















