BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में हिस्सा लिया। बैठक में वैश्विक व्यापार, आर्थिक सहयोग, सुरक्षित सप्लाई रूट और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। तीनों नेताओं के बयानों में आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और व्यापार के वैकल्पिक रास्तों पर विशेष जोर दिखाई दिया।
व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की जरूरत बताई गई। नेताओं ने कारोबार के लिए सुरक्षित रास्तों, आपूर्ति श्रृंखलाओं की निरंतरता और भुगतान के वैकल्पिक तरीकों को बढ़ावा देने की बात कही। राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इन बयानों को वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में अमेरिकी डॉलर की प्रमुख भूमिका पर निर्भरता घटाने की ब्रिक्स की व्यापक कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
मोदी ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बताया जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार की प्रगति तभी संभव है, जब समुद्री रास्ते खुले रहें, सप्लाई रूट सुरक्षित हों और दुनिया भर के नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री ने भारत को नौवहन की स्वतंत्रता यानी Freedom of Navigation और नाविकों की सुरक्षा का समर्थक बताया।
होर्मुज संकट के बीच मोदी का बयान अहम
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह की बाधा से तेल और गैस की आपूर्ति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में भारत ने सुरक्षित समुद्री आवागमन की जरूरत को प्रमुखता से सामने रखा है।
पुतिन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव की बात कही
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में इस समय व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन हो रहे हैं। उनके अनुसार, उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक विकास में पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और पारंपरिक आर्थिक शक्तियों के प्रभाव का संतुलन बदल रहा है। उन्होंने पुराने आर्थिक केंद्रों का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि दुनिया की आर्थिक तस्वीर अब पहले जैसी नहीं रह गई है।
पुरानी आर्थिक शक्तियों की क्षमता भी बरकरार
पुतिन ने यह भी माना कि पारंपरिक आर्थिक शक्तियों के पास अभी मजबूत बुनियादी ढांचा, तकनीकी क्षमता, वैज्ञानिक संस्थान और विकसित आर्थिक संसाधन मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुनिया और अर्थव्यवस्था का स्वभाव लगातार बदलता रहता है। उनके इस बयान को वैश्विक आर्थिक शक्ति के बदलते संतुलन और ब्रिक्स देशों के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
पेजेश्कियान ने राष्ट्रीय मुद्राओं पर दिया जोर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर निर्भरता कम करने के लिए आपसी व्यापार में अपनी-अपनी मुद्राओं का उपयोग बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मुद्रा जोखिमों के प्रबंधन और आपसी भुगतान के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता बताई।
न्यू डेवलपमेंट बैंक की भूमिका बढ़ाने की अपील
पेजेश्कियान ने ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक को भी अधिक महत्वपूर्ण भूमिका देने की बात कही। उनके मुताबिक, मौजूदा वित्तीय व्यवस्था कुछ प्रमुख मुद्राओं पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे यह राजनीतिक और आर्थिक झटकों के प्रति संवेदनशील हो जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि न्यू डेवलपमेंट बैंक सदस्य देशों में बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण का प्रमुख माध्यम बने, ताकि व्यापारिक सहयोग को वास्तविक निवेश में बदला जा सके।
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