Uttarakhand News : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने 10 सितंबर 2026 को देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई। ED के अनुसार, मामला परीक्षा की OMR शीट में कथित हेरफेर और अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परिणाम प्रभावित करने से जुड़ा है।
पूर्व मुख्यमंत्री के PA के आवास पर भी तलाशी
ED की कार्रवाई के दौरान चंदन सिंह जीना के आवास की भी तलाशी ली गई। जीना वर्तमान में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक (PA) के रूप में कार्यरत बताए गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, वह वर्ष 2009 से 2017 के दौरान रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। जांच में कथित तौर पर परीक्षा से जुड़ी OMR शीट के सुरक्षित स्थान से तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।
तलाशी में 32 लाख रुपये की नकदी बरामद
ED के मुताबिक, चंदन सिंह जीना के घर की तलाशी के दौरान करीब 32 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद हुई। इसके साथ लगभग 200.5 ग्राम सोना भी मिला है। बरामद सोने में 13 सिक्के और सात चेन शामिल हैं। एजेंसी अब इन संपत्तियों और नकदी के स्रोत की जांच कर रही है। ED का दावा है कि बरामद सामग्री उनकी ज्ञात आय के मुकाबले संदेह पैदा करती है।
Rolex समेत कई ब्रांड की महंगी घड़ियां मिलीं
तलाशी में महंगी घड़ियों का संग्रह भी सामने आया। ED के अनुसार, कुल 12 घड़ियां बरामद हुई हैं, जिनमें Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड शामिल हैं। इनकी अनुमानित कुल कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, कुछ घड़ियों का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी बाकी है। इसलिए एजेंसी के मुताबिक बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत आगे बढ़ सकती है।
परिवार के बैंक खातों पर भी कार्रवाई
जांच एजेंसी ने PMLA की धारा 17(1A) के तहत चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया है। ED के मुताबिक, इन खातों में कुल 52.16 लाख रुपये का बैलेंस मौजूद था। जांच के दौरान जीना का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। एजेंसी अब बैंक लेनदेन और डिजिटल जानकारी की पड़ताल कर रही है।
कैश खर्च और आय के स्रोत की जांच
ED का कहना है कि जांच के दौरान चंदन सिंह जीना द्वारा बड़ी मात्रा में नकद खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। इन रकमों के स्पष्ट स्रोत को लेकर एजेंसी सवाल उठा रही है। बरामद नकदी, सोना, घड़ियां और अन्य संपत्तियों की तुलना ज्ञात आय से की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
OMR शीट में कथित तरीके से हुआ हेरफेर
ED की जांच के अनुसार, कथित घोटाले में OMR शीट के उन रोल नंबरों को अलग किया गया, जिनमें अपेक्षाकृत कम उत्तर भरे गए थे। इसके बाद संबंधित रोल नंबर कथित तौर पर एक निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों तक पहुंचाए गए। आरोप है कि पैसे लेकर इन OMR शीट में गलत या अतिरिक्त उत्तरों के गोले भरे गए और परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
बिचौलियों के जरिए पहुंचाई गई कथित रकम
एजेंसी के अनुसार, OMR शीट में बदलाव करने के बाद उन्हें दोबारा सील किया गया, ताकि प्रक्रिया सामान्य दिखाई दे। आरोप है कि इस पूरी कथित व्यवस्था के बदले अभ्यर्थियों से अवैध रकम ली गई और बिचौलियों के माध्यम से संबंधित लोगों तक पहुंचाई गई। ED अब इस धन के लेनदेन, इसमें शामिल लोगों और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है।
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