Shortage Of Fertilizer : खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों की खाद को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्री-मानसून की दस्तक के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं, लेकिन उन्हें समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। अंबिकापुर के रिंग रोड स्थित सहकारी खाद वितरण केंद्र में किसानों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जहां सुबह से ही किसान अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

किसानों का आरोप है कि वे पिछले दो से तीन दिनों से लगातार खाद लेने के लिए समिति पहुंच रहे हैं, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समितियों में खाद की कमी बताई जा रही है, जबकि वही खाद निजी दुकानों में अधिक कीमत पर आसानी से उपलब्ध है। इससे कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है।


किसान बरातु राम और कृष्णा ने बताया कि खेती की तैयारी का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है। यदि अभी खाद नहीं मिली तो बुआई प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। उनका कहना है कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
दरअसल, क्षेत्र में प्री-मानसून की बारिश शुरू होते ही किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। धान समेत अन्य फसलों की बुआई से पहले खाद की आवश्यकता होती है, इसलिए किसान पहले से ही इसकी व्यवस्था करना चाहते हैं। लेकिन वितरण व्यवस्था की खामियों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं खाद दुकान के संचालक ने किसानों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी किसानों को खाद वितरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण वितरण कार्य में कुछ विलंब हुआ है। मशीन की समस्या दूर होते ही खाद वितरण सामान्य रूप से किया जा रहा है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, ताकि खरीफ सीजन की खेती प्रभावित न हो और किसानों को समय पर खाद मिल सके।











