MTech Scholarship : देश के भीतर तकनीकी शिक्षा का तेजी से विस्तार करने और होनहार युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जा रही हैं। विशेष रूप से एम.टेक (M.Tech) यानी मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए कई ऐसी स्कॉलरशिप योजनाएं मौजूद हैं, जिनके माध्यम से उन्हें हर महीने हजारों रुपये की नकद वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। उच्च शिक्षा की लगातार बढ़ती फीस और पढ़ाई के खर्चों के बीच ये सरकारी स्कॉलरशिप योजनाएं मेधावी छात्रों के लिए एक वरदान साबित हो रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य आर्थिक तंगी का सामना कर रहे योग्य छात्रों को तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और आधुनिक नवाचार (इन्नोवेशन) के क्षेत्र में बिना किसी वित्तीय बाधा के आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

AICTE की पीजी स्कॉलरशिप योजना के तहत हर महीने मिलेंगे 12,400 रुपये
एम.टेक के विद्यार्थियों के बीच सबसे लोकप्रिय और बेहद चर्चित योजनाओं में ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की पोस्ट ग्रेजुएट (PG) स्कॉलरशिप योजना शीर्ष पर शामिल है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिमाह 12,400 रुपये की सम्मानजनक छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है। इस वित्तीय सहायता का लाभ केवल उन्हीं प्रतिभावान छात्रों को दिया जाता है, जिन्होंने गेट (GATE), जीपैट (GPAT) या सीड (CEED) जैसी राष्ट्रीय स्तर की बेहद कठिन प्रवेश परीक्षाएं सम्मानजनक अंकों के साथ उत्तीर्ण की हों। इसके साथ ही छात्र का किसी भी AICTE से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेज या विश्वविद्यालय में नियमित और पूर्णकालिक (फुल-टाइम) पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रम में नामांकित होना अनिवार्य शर्त है।

अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए UGC की विशेष मासिक छात्रवृत्ति योजना
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आने वाले पिछड़े और वंचित पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा एक विशेष और समर्पित छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है। इस कल्याणकारी योजना के तहत चयनित योग्य विद्यार्थियों को प्रति महीने 7,800 रुपये की निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस मासिक राशि के अलावा, छात्रों को उनके शैक्षणिक सहयोग के लिए हर साल 15,000 रुपये का एकमुश्त अतिरिक्त आकस्मिक (Contingency) फंड भी उपलब्ध कराया जाता है, जिसका उपयोग वे अपनी महंगी अध्ययन सामग्री खरीदने, प्रोजेक्ट के शोध कार्य और अन्य जरूरी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का SC या ST श्रेणी से होना तथा किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में रेगुलर एम.टेक पाठ्यक्रम में अध्ययनरत होना आवश्यक है।
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) की मदद से बेहद आसान हुई आवेदन की प्रक्रिया
UGC द्वारा दी जाने वाली इस विशेष छात्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए पात्र छात्रों को सरकार के एकीकृत राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन दर्ज करना होता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपना वैध जाति प्रमाण पत्र, पिछले सेमेस्टर या स्नातक की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े अंकपत्र, बैंक पासबुक और अपने वर्तमान शिक्षण संस्थान से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज डिजिटल रूप में अपलोड करने होते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तकनीकी समस्या या अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अपनी पूरी आवेदन प्रक्रिया को सही-सही पूरा कर लें।
तकनीकी और शोध के छात्रों को राज्य सरकारों की योजनाओं से मिल रही बड़ी राहत
केंद्र सरकार की इन बड़ी योजनाओं के समानांतर ही देश की विभिन्न राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे स्थानीय छात्रों को भारी वित्तीय सहायता और स्टाइपेंड दे रही हैं। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग विशिष्ट स्कॉलरशिप एवं फेलोशिप योजनाएं सक्रियता से चलाई जा रही हैं। कई प्रगतिशील राज्यों में तो अनुसूचित जाति, जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और उच्च स्तरीय शोध (Research) कार्यों में जुटे छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर 15,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति माह तक की भारी-भरकम वित्तीय सहायता दी जा रही है। हालांकि, इस सहायता राशि का पैमाना और पात्रता के कड़े नियम अलग-अलग राज्यों की नीतियों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
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