Korba News : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। यहां के हरदीबाजार थाना क्षेत्र में दो युवकों ने स्थानीय थाना प्रभारी (TI) पर बेरहमी से मारपीट करने और ₹24,000 की रिश्वत वसूलने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार (11 जून, 2026) की सुबह इन दोनों युवकों ने टीआई के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर गांव की एक ऊंची पानी टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

पानी टंकी पर पेट्रोल डालकर खुदकुशी की धमकी
पानी की टंकी पर चढ़े इन आक्रोशित युवकों ने विरोध जताने का बेहद खतरनाक रास्ता चुना। उन्होंने टंकी के ऊपर अपने पास रखा पेट्रोल छिड़क लिया और वहां आग लगा दी। दोनों युवकों ने प्रशासन को खुलेआम चेतावनी दी कि यदि आरोपी हरदीबाजार थाना प्रभारी को तत्काल सस्पेंड (निलंबित) नहीं किया गया, तो वे टंकी से कूदकर सुसाइड (आत्महत्या) कर लेंगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल होने लगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल और तहसीलदार तुरंत मौके पर पहुंचे और लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद दोनों को सुरक्षित नीचे उतारा।

जानिए कौन हैं पीड़ित युवक?
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पानी की टंकी पर चढ़ने वाले इन दोनों युवकों की पहचान 22 वर्षीय रफीक मोहम्मद और 23 वर्षीय दीपेश निर्मलकर के रूप में हुई है, जो स्थानीय ग्राम नेवसा के निवासी हैं। युवकों का आरोप है कि मंगलवार (9 जून) को पुलिस ने उन्हें ग्राम सिरली के पास से अवैध रूप से हिरासत में लिया था। उनका दावा है कि हरदीबाजार टीआई प्रमोद कुमार डनसेना ने उन्हें थाने के भीतर ले जाकर ‘तुम लोग जुआ खेलाते हो’ कहते हुए लाठी-डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
जबरन घरों में घुसकर गुंडागर्दी करने का भी लगा आरोप
पीड़ित युवकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बेरहमी से पिटाई करने के बाद पुलिस ने उनसे जबरन एक झूठे कागज़ पर दस्तखत करवाए। इस बयान में लिखवाया गया कि ‘वे दीपका जाते समय रास्ते में भागते हुए खुद ही गिर गए थे’, ताकि पुलिस अपनी बर्बरता को छुपा सके। हालांकि, पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ दिया था। इस कार्रवाई से नाराज होकर ही उन्होंने गुरुवार सुबह यह आत्मघाती कदम उठाया। वहीं अन्य ग्रामीणों का भी आरोप है कि पुलिस जबरन घरों में घुसकर लोगों को प्रताड़ित कर रही है।
पुलिस पर लगाया अगवा करने और प्रताड़ित करने का आरोप
इसी जुआ प्रकरण में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी अनवर अली की पत्नी शफीना बेगम ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शफीना बेगम ने पुलिस पर खुलेआम गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए बताया कि मंगलवार को पुलिस उनके पति को जबरन घर से उठाकर ले गई थी। हैरान करने वाली बात यह है कि अगले दिन वही पुलिसकर्मी दोबारा उनके घर पहुंचे और उनके पति के बारे में पूछताछ करने लगे। शफीना का कहना है कि उनके पति पिछले 4 दिनों से घर नहीं लौटे हैं और उनके साथ किसी अनहोनी के लिए पूरी तरह से हरदीबाजार पुलिस जिम्मेदार है।
थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने सभी आरोपों को नकारा
इस पूरे बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले पर हरदीबाजार के थाना प्रभारी (TI) प्रमोद कुमार डनसेना ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने अपने ऊपर लगे मारपीट और रिश्वतखोरी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत बताया है। टीआई का कहना है कि पानी टंकी पर चढ़ने वाले दोनों युवक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध जुआ और सट्टा फड़ संचालित करते हैं। मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर इन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया था और उनके खिलाफ धारा 151 के तहत पूरी तरह से वैधानिक कार्रवाई की गई है, जिससे बौखलाकर वे पुलिस पर झूठा दबाव बना रहे हैं।
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