FIFA World Cup Awards: दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट, फीफा वर्ल्ड कप आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है, जिसका रोमांच आगामी 19 जुलाई तक पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों के सिर चढ़कर बोलेगा। फुटबॉल के इतिहास में यह पहला मौका है जब इस महाकुंभ में कुल 48 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही यह पहला ऐसा टूर्नामेंट है जिसकी संयुक्त मेजबानी तीन देश—अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—मिलकर कर रहे हैं। इस समय खेल जगत में सबसे बड़ी चर्चा और कयासबाजी इसी बात पर हो रही है कि इस बार विश्व विजेता की चमचमाती और प्रतिष्ठित ट्रॉफी कौन सा देश अपने नाम करेगा। हालांकि, टीम की सामूहिक सफलता के साथ-साथ फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत सम्मान भी बेहद मायने रखता है। इन व्यक्तिगत पुरस्कारों की श्रेणी में सबसे कीमती और मशहूर सम्मान ‘गोल्डन बूट’, ‘गोल्डन बॉल’ और ‘गोल्डन ग्लव्स’ माने जाते हैं।

गोल्डन बूट: गोल मशीन स्ट्राइकर्स की जंग और ट्रॉफी की बनावट का अनोखा सच
फीफा वर्ल्ड कप के दौरान जो खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागता है, उसे सर्वोच्च सम्मान के रूप में ‘गोल्डन बूट’ से नवाजा जाता है। हर चार साल में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और आक्रामक स्ट्राइकर इस अनमोल पुरस्कार को जीतने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं। यह उन फॉरवर्ड खिलाड़ियों के लिए एक अद्वितीय पहचान है जो अपने शानदार खेल से विरोधी टीम के मजबूत से मजबूत डिफेंस को ध्वस्त कर देते हैं। वर्ल्ड कप के इतिहास पर नजर डालें तो आज तक कोई भी फुटबॉलर एक से ज्यादा बार गोल्डन बूट नहीं जीत पाया है, जिसके कारण हर बार दुनिया को एक नया स्टार मिलता है।

आम लोगों में यह धारणा होती है कि यह बूट शुद्ध सोने का होता है, परंतु सच यह है कि यह पूरी तरह सोने का नहीं बना होता। यह मुख्य रूप से पीतल और अन्य धातुओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है और बाद में इस पर सोने की परत (गोल्ड प्लेटिंग) चढ़ाई जाती है, जिससे यह एकदम सोने जैसा दिखता है। इस ट्रॉफी का वजन लगभग 1 किलोग्राम होता है।
मिस्ट्री बनी हुई है गोल्डन बूट की कीमत
फीफा ने वर्ष 1982 के वर्ल्ड कप के बाद से आज तक कभी भी दिए जाने वाले गोल्डन बूट की वास्तविक बाजार कीमत (मार्केट वैल्यू) का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, जिसकी वजह से इसकी असली कीमत को लेकर हमेशा एक रहस्य बना रहता है। पिछले 2022 के कतर वर्ल्ड कप में यह प्रतिष्ठित सम्मान फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे ने अपने नाम किया था, जिन्होंने फाइनल मैच की ऐतिहासिक हैट्रिक सहित पूरे टूर्नामेंट में कुल 8 गोल दागे थे। वर्तमान में जारी 2026 वर्ल्ड कप को लेकर फैंस के बीच यह जानने की उत्सुकता चरम पर है कि इस बार यह चमचमाता बूट किसकी झोली में जाएगा। खेल प्रेमियों की नजरें इस समय लियोनेल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, काइलियन एम्बाप्पे, हैरी केन, लौटरो मार्टिनेज और विनीसियस जूनियर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जिसका अंतिम फैसला 19 जुलाई को होगा।
गोल्डन बॉल और गोल्डन ग्लव्स
दूसरी ओर, टूर्नामेंट के सबसे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट) को दी जाने वाली ‘गोल्डन बॉल’ भी ठोस सोने से नहीं बनी होती। यह मूल रूप से कांसे (ब्रॉन्ज) की एक कलाकृति होती है, जिस पर बाद में 18 कैरेट सोने की परत चढ़ाई जाती है। फीफा तकनीकी समिति द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों में से मीडिया प्रतिनिधियों के वोटों के आधार पर इसके विजेता का चुनाव होता है। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो बार (2014 और 2022 में) गोल्डन बॉल जीतकर इतिहास रचा है।
इसी प्रकार, टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर को ‘फीफा गोल्डन ग्लव्स’ पुरस्कार दिया जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1994 में रूस के महान गोलकीपर लेव याशिन के सम्मान में ‘लेव याशिन अवॉर्ड’ के नाम से हुई थी, जिसका नाम 2010 में बदलकर ‘गोल्डन ग्लव्स’ कर दिया गया। साल 2022 में अर्जेंटीना के एमिलियानो मार्टिनेज ने इसे जीता था। यह ट्रॉफी भी कांसे की बनी होती है जिस पर सोने की कोटिंग की जाती है।
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