CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी 15 और 16 जून को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हल्की से लेकर मध्यम स्तर की वर्षा होने की प्रबल संभावना जताई गई है। भीषण गर्मी झेल रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि इस मौसमी बदलाव से चिलचिलाती धूप और उमस से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।

अंधड़ और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कुछ चुनिंदा जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका है। इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से धूलभरी आंधियां और तूफानी हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने आम जनता को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।

मानसून की आहट
प्रदेशवासियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री हो सकती है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 5 दिनों तक राज्य के कई जिलों में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। विशेष रूप से दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने और दक्षिण छत्तीसगढ़ के रास्ते राज्य में प्रवेश करने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं।
रायपुर का मौसम
अगर बात राजधानी रायपुर की करें, तो अगले 24 घंटों के दौरान शहर का आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि रायपुर के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें या मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटों में रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
तापमान का उतार-चढ़ाव
पिछले 24 घंटों के इतिहास पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य भागों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, इसके विपरीत उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया है। सबसे चौंकाने वाला बदलाव दक्षिण छत्तीसगढ़ में देखा गया, जहां के कुछ जिलों में तापमान में सीधे 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मौसमी सिस्टम का असर
छत्तीसगढ़ में हो रही इस मानसूनी हलचल के पीछे कई बड़े मौसमी सिस्टम काम कर रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, समुद्र तल पर बनी एक मुख्य मानसून ट्रफ इस समय पश्चिमी राजस्थान से शुरू होकर उत्तर-पूर्व राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की ओर जा रही है। इसके साथ ही, एक अन्य ऊपरी हवा का ट्रफ मध्य उत्तर प्रदेश से होते हुए पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तरी महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। इन्हीं दो मजबूत प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और अंधड़ की एक्टिविटी देखने को मिल रही है।
राजनांदगांव में सबसे ज्यादा गर्मी
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ का सबसे गर्म इलाका राजनांदगांव रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे वहां रात के समय काफी ठंडक रही। मौसम विभाग का स्पष्ट कहना है कि आगामी 5 दिनों तक प्रदेश के औसतन तापमान में किसी बड़े फेरबदल की गुंजाइश नहीं है, लेकिन रुक-रुक कर होने वाली बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से आम जनजीवन को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलती रहेगी।
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