CWG 2026: स्कॉटलैंड की स्टार व्हीलचेयर एथलीट मेलानी वुड्स को ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के समापन समारोह के दौरान प्रतिष्ठित डेविड डिक्सन फेयरप्ले अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें खेल भावना, निष्पक्षता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया। दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता मेलानी वुड्स ने अपने शानदार प्रदर्शन के साथ यह साबित किया कि खेल केवल जीत का नहीं, बल्कि ईमानदारी और खेल भावना का भी प्रतीक है।

महिला 1500 मीटर रेस में दिखाई मिसाल
मेलानी वुड्स ने महिलाओं की टी54 1500 मीटर व्हीलचेयर रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। हालांकि प्रतियोगिता के दौरान कुछ खिलाड़ियों के आपस में टकराने के कारण विवाद की स्थिति बन गई। इसके बावजूद वुड्स ने केवल अपनी जीत पर जोर नहीं दिया, बल्कि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए रेस दोबारा कराने की मांग की। दोबारा आयोजित रेस में उन्होंने पहले से भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इसी खेल भावना ने उन्हें फेयरप्ले अवॉर्ड का हकदार बनाया।

बचपन से खेलों में थी गहरी रुचि
अगस्त 1994 में जन्मी मेलानी वुड्स बचपन से ही खेलों के प्रति बेहद उत्साही थीं। उन्हें साइकिलिंग, घुड़सवारी और फिटनेस गतिविधियों में विशेष रुचि थी। आगे चलकर उन्होंने शारीरिक शिक्षा (पीई) शिक्षक के रूप में भी कार्य किया। खेल उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा और उन्होंने हमेशा सक्रिय जीवनशैली को अपनाया।
एक हादसे ने बदल दी पूरी जिंदगी
साल 2018 में मेलानी वुड्स का जीवन एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद पूरी तरह बदल गया। इनवर्नेस में साइकिल चलाते समय एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना में उनकी पेल्विस और रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ, जबकि उनका एक पैर तीन स्थानों से टूट गया। हादसा इतना गंभीर था कि उन्होंने अपने शरीर के निचले हिस्से पर नियंत्रण खो दिया और कमर के नीचे का हिस्सा हमेशा के लिए प्रभावित हो गया।
अस्पताल से शुरू हुई नई प्रेरणा
दुर्घटना के बाद मेलानी वुड्स ने ग्लासगो स्थित क्वीन एलिजाबेथ यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की स्पाइनल यूनिट में लंबा समय उपचार और पुनर्वास में बिताया। इसी दौरान उन्होंने टेलीविजन पर पैरालंपिक खेलों को देखा। खिलाड़ियों के साहस और संघर्ष ने उन्हें नई दिशा दी। उन्होंने तय किया कि अब वे भी खेलों के माध्यम से अपनी नई पहचान बनाएंगी और कभी हार नहीं मानेंगी।

व्हीलचेयर रेसिंग को बनाया नया लक्ष्य
स्वस्थ होने के बाद मेलानी ने कई पैरा खेलों में हाथ आजमाया। उन्होंने व्हीलचेयर टेनिस, तैराकी और स्कीइंग जैसी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया। आखिरकार उन्हें व्हीलचेयर रेसिंग में अपना भविष्य दिखाई दिया। इसके बाद वे ग्लासगो के रेड स्टार एथलेटिक्स क्लब से जुड़ गईं, जहां उन्होंने अपने कोच और साथी एथलीट सैमी किंगहॉर्न के साथ नियमित प्रशिक्षण शुरू किया।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
मेलानी वुड्स ने वर्ष 2019 में इंटर-स्पाइनल यूनिट गेम्स के माध्यम से प्रतिस्पर्धी खेलों में पदार्पण किया। इसके बाद उन्होंने 2021 में पोलैंड में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स यूरोपीय चैंपियनशिप में स्कॉटलैंड का प्रतिनिधित्व किया। लगातार मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की और कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।
कॉमनवेल्थ खेलों में जीते दो स्वर्ण पदक
मेलानी वुड्स ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 800 मीटर टी54 और 1500 मीटर टी54 स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इससे पहले उन्होंने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इन दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक भी जीते थे। ग्लासगो में उनकी उपलब्धि ने न केवल स्कॉटलैंड का गौरव बढ़ाया, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए संघर्ष, साहस और खेल भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की।
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