Assam River Erosion: असम में हर वर्ष बाढ़ और नदी कटाव से हजारों परिवार प्रभावित होते हैं। विशेष रूप से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे गांवों को लगातार भूमि कटाव का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार अब दीर्घकालिक और वैज्ञानिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि नदी कटाव रोकने के लिए एक व्यापक वैज्ञानिक योजना तैयार की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञ संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा।

IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञ देंगे तकनीकी सलाह
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इस परियोजना को वैज्ञानिक आधार पर विकसित करना चाहती है। इसके लिए IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता ली जाएगी। विशेषज्ञ नदी के प्रवाह, कटाव के कारणों और भूगर्भीय परिस्थितियों का अध्ययन कर ऐसी योजना तैयार करेंगे, जिससे भविष्य में नदी किनारे रहने वाले लोगों को बेहतर सुरक्षा मिल सके। सरकार का उद्देश्य केवल अस्थायी राहत देना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।

दिब्रूगढ़ के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
अपने चार दिवसीय अपर असम दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा दिब्रूगढ़ जिले के पुखुरीजान क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने नदी कटाव से प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को भी सुना। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
90 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव तैयार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जल संसाधन विभाग अब तक विभिन्न स्थानों पर छोटे स्तर पर कटाव रोकने के उपाय करता रहा है, लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी की बदलती धारा और तेज कटाव को देखते हुए बड़े स्तर की योजना की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत वाली एक परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना का लक्ष्य प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत और टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है।
वैज्ञानिक अध्ययन से मिलेगी दीर्घकालिक सुरक्षा
सरकार का मानना है कि केवल पारंपरिक उपायों से नदी कटाव की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए प्रस्तावित परियोजना में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अध्ययन को प्राथमिकता दी जाएगी। IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञों की सलाह से ऐसी संरचनाएं और योजनाएं तैयार की जाएंगी, जो लंबे समय तक प्रभावी रहें और हर वर्ष होने वाले नुकसान को कम कर सकें।

लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के जीवन, संपत्ति और आजीविका की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नदी कटाव की समस्या से प्रभावित लोगों को राहत देने के साथ-साथ भविष्य में इस संकट को कम करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। सरकार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करेगी।
ऑयल इंडिया की ड्रिलिंग साइट का भी किया निरीक्षण
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑयल इंडिया लिमिटेड की ईस्ट खागोरिजन-6 ड्रिलिंग रिग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
सरबानंदा सोनोवाल के परिवार से की मुलाकात
दिब्रूगढ़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल के आवास पर जाकर उनके दिवंगत बड़े भाई स्वर्गीय मिष्टा प्रसाद सोनोवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दुख की इस घड़ी में परिवार के प्रति समर्थन जताया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी करेंगे दौरा
मुख्यमंत्री अपने चार दिवसीय दौरे के दौरान नाजिरा, संतक, बिहुबार, सुमोनिगांव और सोनारी सहित बाढ़ प्रभावित कई क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। इन इलाकों में वे राहत शिविरों का निरीक्षण करेंगे, प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठकें कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति का आकलन करेंगे। सरकार का उद्देश्य बाढ़ और नदी कटाव से प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाने के साथ-साथ भविष्य के लिए मजबूत और स्थायी समाधान तैयार करना है।
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