Doha Diamond League 2026 : भारत के स्टार जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, जिन्होंने ओलंपिक खेलों में देश को दो ऐतिहासिक पदक दिलाए हैं, एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वे आगामी 19 जून को आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित दोहा डायमंड लीग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी बहुप्रतीक्षित वापसी करेंगे। नीरज चोपड़ा लगभग 275 दिनों के एक लंबे अंतराल के बाद मैदान पर नजर आएंगे। साल 2025 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आठवें स्थान पर रहने के बाद से उन्होंने चोट या अन्य कारणों से किसी भी बड़ी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। आपको बता दें कि नीरज ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक (गोल्ड) और पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक (सिल्वर) जीतकर इतिहास रचा था।

पिछले सीजन के शानदार प्रदर्शन को दोहराने की होगी चुनौती
नीरज चोपड़ा का नाम दोहा डायमंड लीग के एथलीटों की सूची में आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है, जहां उन्होंने पिछले सीजन में 90 मीटर से अधिक की दूरी तक भाला फेंककर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। हरियाणा के खांडरा गांव के रहने वाले नीरज इस महत्वपूर्ण वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे इस समय अपने निजी फिजियो और मुख्य कोच की देखरेख में स्विट्जरलैंड की खूबसूरत वादियों में 47 दिनों की बेहद कड़ी और विशेष ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसके साथ ही, आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) के लिए घोषित भारतीय एथलेटिक्स टीम में भी उन्हें जगह दी गई है। हालांकि, इस प्रतियोगिता के मुख्य दौर में अपनी जगह पक्की करने के लिए उन्हें भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के कड़े नियमों के मुताबिक कम से कम 82.61 मीटर की दूरी तय कर क्वालिफाई करना अनिवार्य होगा।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगे तीन धुरंधर
अगले महीने स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में प्रतिष्ठित कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होने जा रहा है। यदि भारत के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा इस प्रतियोगिता के क्वालिफिकेशन मानक को पार कर इसमें भाग लेते हैं, तो जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत की ओर से कुल तीन मजबूत खिलाड़ी मैदान में दिखाई देंगे। भारत के दो अन्य प्रतिभावान खिलाड़ी, रोहित यादव और यशवीर सिंह, पहले ही अपनी शानदार परफॉर्मेंस के दम पर इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए आधिकारिक रूप से क्वालिफाई कर चुके हैं।
दोहा में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के बीच दिखेगी कांटे की टक्कर
आगामी दोहा डायमंड लीग में दुनिया के बेहतरीन और दिग्गज भाला फेंक खिलाड़ियों के बीच एक बार फिर रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। इस हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में पूर्व ओलंपिक चैंपियन केशोर्न वालकॉट (त्रिनिदाद और टोबैगो) और श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रूमेश तरंगा पथिरागे जैसे बड़े एथलीट भारत के नीरज को चुनौती देते नजर आएंगे। हालांकि, खेल प्रेमियों को इस बार भारत-पाक का महामुकाबला देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी अरशद नदीम इस बार किन्हीं कारणों से दोहा डायमंड लीग में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
वेबर, पीटर्स और वालेश जैसे दिग्गजों से मिलेगी नीरज को कड़ी चुनौती
इस वैश्विक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की सूची बेहद मजबूत है। इसमें ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 86.08 मीटर), अमेरिका के धाकड़ कुर्टिस थॉम्पसन (85.33 मीटर) और चेक गणराज्य के अनुभवी याकूब वालेश (85.24 मीटर) जैसे दिग्गज शामिल हैं। गौरतलब है कि पिछले साल दोहा में हुए मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने 90.23 मीटर का एक शानदार और बेहद थ्रो फेंका था, लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपने आखिरी यानी छठे प्रयास में पासा पलटते हुए 91.06 मीटर दूर भाला फेंककर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया था, जिससे नीरज दूसरे स्थान पर रह गए थे।











