Durg BJP Leader Death : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहां के उतई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेलूद गांव में एक स्थानीय भाजपा नेता और पूर्व उपसरपंच ने आत्मघाती कदम उठाते हुए मौत को गले लगा लिया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है। मृतक नेता का शव गांव के ही एक मंदिर परिसर में स्थित पेड़ से फंदे पर लटकता हुआ बरामद किया गया है। सत्ताधारी दल से जुड़े नेता की इस तरह अचानक हुई मौत ने स्थानीय राजनीति और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मृतक की पहचान
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 50 वर्षीय तारेंद्र बंछोर के रूप में की गई है। तारेंद्र बंछोर सेलूद गांव के ही मूल निवासी थे और लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक बेहद सक्रिय और निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे क्षेत्र के पूर्व उपसरपंच भी रह चुके थे और ग्रामीणों के बीच उनकी अच्छी खासी पैठ थी। राजनीतिक गलियारों में उन्हें दुर्ग क्षेत्र के वर्तमान सांसद विजय बघेल का बेहद खास और कट्टर समर्थक माना जाता था। उनकी अचानक मौत की खबर मिलने के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एक अजीब संयोग
इस पूरे आत्मघाती कदम के पीछे एक बेहद हैरान करने वाला और भावुक कर देने वाला संयोग भी सामने आया है। ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि तारेंद्र बंछोर धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उन्होंने अपने उपसरपंच के कार्यकाल के दौरान गांव के विकास के साथ-साथ उक्त मंदिर का निर्माण भी अपने हाथों से करवाया था। इतना ही नहीं, जिस चंपा के पेड़ की डाल पर आज उनका शव फंदे से लटकता हुआ पाया गया, उस पौधे को भी उन्होंने स्वयं अपने हाथों से रोपा था और उसकी देखरेख की थी। किसे पता था कि एक दिन वही पेड़ उनकी जीवनलीला समाप्त होने का गवाह बनेगा।
ग्रामीणों ने सुबह देखा खौफनाक मंजर
घटना का खुलासा मंगलवार सुबह उस वक्त हुआ जब ग्रामीण रोजमर्रा की तरह सुबह की दिनचर्या के लिए घर से बाहर निकले थे। ग्रामीणों ने सुबह-सुबह बाजार चौक के समीप स्थित चारबांधा तालाब के पास बने मंदिर परिसर में चंपा के पेड़ से एक शव को लटकते हुए देखा। जब लोग करीब पहुंचे तो मृतक की पहचान तारेंद्र बंछोर के रूप में हुई, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस खौफनाक मंजर की सूचना उतई थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गई।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई
मौके पर पहुंची उतई थाना पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर तारेंद्र बंछोर के शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। पुलिस ने शव को तुरंत कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल के विच्छेदन गृह भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
बीमारी का इतिहास
तारेंद्र बंछोर के पारिवारिक सूत्रों और करीबियों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। कुछ दिनों पहले ही उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों की देखरेख में चले उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ था और वे पूरी तरह ठीक होकर अपने घर लौट आए थे। हालांकि, अस्पताल से लौटने के बाद वे मानसिक रूप से किसी तनाव में थे या नहीं, इस बात की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सुसाइड नोट का न मिलना बना पहेली
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि घटनास्थल या मृतक के घर से अब तक कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सुसाइड नोट न मिलने के कारण आत्महत्या के वास्तविक कारणों को लेकर रहस्य और गहरा गया है। उतई थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर सघन जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम मृतक के परिजनों, रिश्तेदारों और सेलूद गांव के ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके।
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