Ram Mandir Ayodhya : Ayodhya स्थित प्रसिद्ध Ram Mandir एक बार फिर चर्चा में है। मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले ने प्रशासन और ट्रस्ट दोनों को हिला दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह मामला आंतरिक स्तर पर सामने आया, जिसके बाद कैमरों की फुटेज से कुछ कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां उजागर हुईं। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में लगभग 5 से 6 कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह जताया गया है। घटना सामने आने के बाद मामला तेजी से जांच एजेंसियों तक पहुंचा और उच्च स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

CCTV फुटेज से खुला चोरी का शक, कर्मचारियों पर नजर
सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों को दान पात्रों से पैसे निकालते हुए संदिग्ध रूप से देखा गया। यह गतिविधि नियमित निगरानी के दौरान पकड़ में आई। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अब तक पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। माना जा रहा है कि पहले आंतरिक जांच चल रही थी, लेकिन इसी दौरान मामला सार्वजनिक हो गया। इस खुलासे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

दान पात्रों की संख्या और नकदी प्रबंधन पर सवाल
मंदिर परिसर में वर्तमान समय में लगभग 40 दान पात्र स्थापित हैं, जबकि शुरुआती चरण में इनकी संख्या लगभग 10 थी। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी, दान व्यवस्था का विस्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक करीब 50 कर्मचारी दान राशि की गिनती और प्रबंधन में लगे रहते हैं, जिनमें ट्रस्ट से जुड़े निगरानी कर्मी भी शामिल हैं। ऐसे में चोरी की घटना सामने आने से पूरी नकदी प्रबंधन प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
SIT ने शुरू की जांच, 42 से अधिक कर्मचारियों से पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने Special Investigation Team (SIT) का गठन किया है। टीम लगातार मंदिर परिसर में पहुंचकर जांच कर रही है। अब तक 42 से अधिक कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें ट्रस्ट से जुड़े कुछ जिम्मेदार लोग भी शामिल हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की शुरुआत कब से हुई और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही हाल के दिनों में हुए वित्तीय लेन-देन और बड़े खर्चों की भी जांच की जा रही है।
सरकार की सख्ती, 15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश
राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए SIT को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान सभी पहलुओं जैसे सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की भूमिका और दान राशि के प्रबंधन की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
संदिग्ध राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव का नाम भी सामने आया है, जिनकी भूमिका को लेकर संदेह जताया गया है। हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनका दान गिनती या पैसों के प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका काम केवल मंदिर की व्यवस्था जैसे सफाई, पानी और अन्य सुविधाओं तक सीमित था। टिन्नू यादव ने यह भी कहा कि जांच चल रही है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है कि सच्चाई सामने आएगी।











