Surajpur Politics : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर में होने वाले शपथग्रहण समारोह को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच आमंत्रण पत्र और प्रोटोकॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद स्थिति राजनीतिक टकराव में बदल गई है।

कांग्रेस ने आमंत्रण पत्र में उपेक्षा का लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शपथग्रहण समारोह के आमंत्रण पत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान और स्थान नहीं दिया गया। पार्टी का कहना है कि 8 पार्षदों की जीत के बावजूद उनके प्रमुख नेताओं को नजरअंदाज किया गया, जो अस्वीकार्य है। इसी कारण कांग्रेस ने मुख्य समारोह का बहिष्कार करने और अलग से शपथग्रहण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

नगर पंचायत शिवनंदनपुर के चुनाव में अध्यक्ष पद सहित भाजपा के 7 पार्षद विजयी हुए हैं, जबकि कांग्रेस ने 8 पार्षदों के साथ बहुमत का दावा किया है। इसी राजनीतिक संतुलन के बीच शपथग्रहण समारोह को लेकर तनाव और बढ़ गया है। कांग्रेस का कहना है कि उनकी संख्या अधिक होने के बावजूद उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे असंतोष पैदा हुआ है।
कांग्रेस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, अलग कार्यक्रम की मांग
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में उपविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी ने मांग की है कि उनके पार्षदों के लिए अलग से शपथग्रहण कार्यक्रम की अनुमति दी जाए। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय डोसी ने कहा कि आमंत्रण पत्र में किसी भी प्रमुख कांग्रेस नेता का नाम शामिल नहीं किया गया, जो राजनीतिक अनदेखी को दर्शाता है।भाजपा ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि शपथग्रहण कार्यक्रम पूरी तरह सरकारी प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया जा रहा है। भाजपा नेताओं के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai सहित कई वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे, इसलिए आमंत्रण पत्र नियमों के अनुसार ही तैयार किया गया है।

भाजपा का बयान: प्रोटोकॉल नियमों के अनुसार तय होता है कार्यक्रम
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पाठ्य-पुस्तक निगम अध्यक्ष भीमसेन गोयल ने कहा कि शपथग्रहण समारोह में प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि इसमें निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासनिक नियमों के आधार पर ही आमंत्रण तैयार किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध करने से स्थापित नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
भीमसेन गोयल ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस अलग से शपथग्रहण समारोह आयोजित करना चाहती है, तो यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन सरकारी कार्यक्रम में केवल निर्धारित नियम और प्रोटोकॉल ही लागू होंगे। इस पूरे विवाद ने स्थानीय राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है और दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।











