Raushan Anand FIR issue : बिहार की राजधानी पटना का प्रतिष्ठित कोचिंग जगत इन दिनों एक गंभीर विवाद और सनसनीखेज आरोपों के केंद्र में है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और खान ग्लोबल कोचिंग के संचालक फैजल खान के बीच का विवाद अब एक भयावह मोड़ ले चुका है। रौशन आनंद ने बुधवार को पटना के कदमकुआं थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने फैजल खान, एक कोल्ड स्टोरेज मालिक डॉ. रामाशंकर प्रसाद, उनके मैनेजर कन्हैया कुमार सिंह और अन्य अज्ञात लोगों पर अपने 24 वर्षीय भाई प्रिंस यादव की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला न केवल कोचिंग संचालकों की आपसी रंजिश को उजागर करता है, बल्कि इसमें शामिल ‘आपराधिक साजिश’ के आरोपों ने पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।

संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और हत्या की साजिश का आरोप
रौशन आनंद के अनुसार, उनके भाई प्रिंस यादव का शव 13 जून को नेपाल के विराटनगर स्थित ‘शुभ होटल’ में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। रौशन का दावा है कि यह कोई सामान्य मौत या आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब रौशन आनंद स्वयं बेउर जेल में बंद थे, तब इन्हीं लोगों ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ एक गहरी साजिश रची थी। रौशन का कहना है कि उन्हें जेल भेजने और उनके भाई की हत्या के पीछे एक ही गैंग का हाथ है, जो कोचिंग व्यवसाय में वर्चस्व और पुरानी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बना रहा है।

थाने में डेरा और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल
बुधवार को रौशन आनंद अपने वकील निरंजन कुमार के साथ कदमकुआं थाने पहुंचे और लगभग पांच घंटे तक वहीं डटे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना पुलिस प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर एफआईआर दर्ज करने से कतरा रही है। रौशन का कहना है कि थाना प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। रौशन ने भावुक होते हुए कहा, “अगर आज एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो मैं यहीं धरने पर बैठा रहूंगा। चाहे पुलिस मुझे गोली मार दे, लेकिन मैं न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने एसएसपी और आईजी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
देश भर के छात्रों और शिक्षकों से मदद की अपील
इस पूरे प्रकरण में रौशन आनंद ने देश भर के छात्रों, शिक्षकों और प्रबुद्ध वर्ग से समर्थन की अपील की है। उनका मानना है कि यदि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो सत्य कभी सामने नहीं आ पाएगा। यह विवाद अब केवल दो कोचिंग संचालकों के बीच का नहीं रहा, बल्कि इसमें हत्या जैसे गंभीर आरोपों के जुड़ने से पटना पुलिस और प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है। रौशन के समर्थकों का कहना है कि मामले को दबाने की हर कोशिश का वे पुरजोर विरोध करेंगे। फिलहाल, इस पूरे विवाद ने पटना के शैक्षणिक माहौल में एक गहरी बेचैनी और तनाव पैदा कर दिया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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