Cyber Crime : पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल साइबर ठगी का शिकार, देश में हड़कंप

Cyber Crime : देश की राजधानी दिल्ली में साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है। अज्ञात ठगों ने नरेश गुजराल की फोटो का इस्तेमाल कर उनके ही एक भरोसेमंद कर्मचारी को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा और खुद को नरेश गुजराल बताकर बातचीत की। जालसाज ने कर्मचारी को यह विश्वास दिलाया कि वह एक जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं, जिसके चलते वे सीधे बात नहीं कर सकते। इस झांसे में आकर कर्मचारी ने आरटीजीएस (RTGS) के जरिए ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में बड़ी धनराशि ट्रांसफर कर दी।

ads

12 से 16 जून के बीच हुआ करोड़ों का ट्रांजैक्शन

साइबर ठगों ने सुनियोजित तरीके से नरेश गुजराल की फाइनेंस टीम के उस सदस्य को निशाना बनाया, जिस पर उन्हें सबसे अधिक भरोसा था। व्हाट्सएप पर फर्जी संदेश मिलने के बाद कर्मचारी ने बिना किसी संदेह के 12 जून से 16 जून के बीच चार किस्तों में कुल 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इतने बड़े स्तर पर हुई धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब इस लेनदेन की जानकारी नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा को मिली। उन्होंने तुरंत अपने पिता से संपर्क किया, जिस पर नरेश गुजराल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पैसों के लेन-देन का ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था। परिवार को तुरंत साइबर ठगी का अहसास हुआ।

ads

तत्परता से कार्रवाई: पुलिस ने 4 करोड़ रुपये फ्रीज कराए

ठगी का अहसास होते ही दीक्षा गुजराल ने बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर कॉल की और ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों की तत्परता का ही परिणाम है कि साइबर जालसाजों द्वारा लूटी गई कुल रकम में से लगभग 4 करोड़ रुपये (लगभग 50% से अधिक) को फ्रीज करा दिया गया है, जिससे पूर्व सांसद को होने वाला वित्तीय नुकसान काफी हद तक कम हो गया है। नरेश गुजराल ने पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है।

दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी साइबर धोखाधड़ी में से एक

यह मामला न केवल हाई-प्रोफाइल होने के कारण चर्चा में है, बल्कि ठगी की भारी-भरकम राशि इसे दिल्ली में हाल के दिनों की सबसे बड़ी साइबर घटनाओं में से एक बनाती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ठगों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अब तक हमलावरों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन पुलिस की टीमें उन बैंक खातों के नेटवर्क का पता लगा रही हैं जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।

डिजिटल युग में सतर्कता ही बचाव का एकमात्र रास्ता

यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि डिजिटल युग में कोई भी व्यक्ति साइबर ठगों का निशाना बन सकता है। चाहे वह कितना ही प्रतिष्ठित व्यक्ति क्यों न हो, साइबर अपराधी नई तकनीक और सोशल इंजीनियरिंग (व्हाट्सएप फ्रॉड) का सहारा लेकर लोगों को आसानी से ठग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय लेनदेन से संबंधित निर्देशों की पुष्टि हमेशा व्यक्तिगत रूप से या किसी सुरक्षित संचार माध्यम से करनी चाहिए, न कि केवल टेक्स्ट मैसेज के भरोसे। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Read More  :  Uttar Pradesh Politics : अखिलेश यादव ने ओपी राजभर पर फिर साधा निशाना, कहा ‘अफ़वाही मंत्री’

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.