Rain Chaos : मानसून की पहली तेज बारिश ने अंबिकापुर नगर निगम के बरसात पूर्व तैयारियों के दावों की हकीकत सामने ला दी। शुक्रवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर के कई प्रमुख मार्ग और निचले इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सबसे ज्यादा चर्चा डीसी रोड स्थित स्वर्गीय रविशंकर त्रिपाठी चौक की रही, जहां पूरी सड़क बारिश के पानी में डूब गई। गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल माह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंत्रियों और सरगुजा के भाजपा नेताओं ने बड़े आयोजन के साथ इस चौक का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के कुछ ही समय बाद पहली तेज बारिश में चौक और आसपास का मार्ग जलभराव की चपेट में आ गया, जिससे निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।


शहर के केदारपुर भट्टी रोड, सत्तीपारा, जोड़ा तालाब मार्ग, घुटरापारा और नमना कला की निचली बस्तियों में भी बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर लोगों के घरों और दुकानों के सामने पानी जमा हो गया, जिससे दैनिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।

बारिश के दौरान एक और बड़ी समस्या नालियों की सफाई को लेकर सामने आई। कई इलाकों में समय पर नालियों की सफाई नहीं होने के कारण उनमें जमा कचरा और गंदगी बारिश के पानी के साथ बहकर सड़कों पर फैल गई। इससे जल निकासी बाधित हुई और कई स्थानों पर बदबू व गंदगी का माहौल बन गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जलभराव रोकने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में व्यवस्थाएं ध्वस्त होती नजर आती हैं। लोगों ने नगर निगम से स्थायी समाधान और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की एक बार फिर से मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में बरसात में शहरवासियों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।











