FIFA World Cup : फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने एक और धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। साउथ कोरिया के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको ने 1-0 से जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण में प्रवेश करने वाली टूर्नामेंट की पहली टीम बनने का गौरव हासिल किया है। वर्ष 2022 के वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से ही बाहर होने वाली मेक्सिको की टीम के लिए यह जीत बेहद खास है। टीम ने अपनी मेजबानी में लगातार दूसरी जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया है कि वे इस बार खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक हैं। मेक्सिको की यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि पूरे देश के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़े जश्न का अवसर है।

लुइस रोमो का निर्णायक गोल और साउथ कोरिया की रक्षात्मक चूक
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमें आक्रामक रुख अपनाए हुए थीं। पहले हाफ में मेक्सिको और साउथ कोरिया दोनों के ही डिफेंस ने गजब का संयम दिखाया, जिसके चलते कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। मुकाबला रोमांचक मोड़ पर तब आया जब दूसरे हाफ की शुरुआत हुई। 50वें मिनट में मेक्सिको के लुइस रोमो ने खेल का पासा पलट दिया। दरअसल, यह गोल साउथ कोरियाई गोलकीपर किम सेउंग-ग्यू और उनके डिफेंडर ली गी-ह्युक के बीच हुई आपसी तालमेल की कमी और टकराव का नतीजा था। रोमो ने इस रक्षात्मक गलती का पूरा फायदा उठाया और एक शानदार शॉट के साथ गेंद को नेट में भेजकर मेक्सिको को 1-0 की बढ़त दिला दी।

साउथ कोरिया के हमलों को गोलकीपर रेंगल ने किया नाकाम
बढ़त हासिल करने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए कई खतरनाक हमले किए, लेकिन मेक्सिको की डिफेंस दीवार को भेदना उनके लिए चुनौती साबित हुआ। मैच के अंतिम क्षणों में साउथ कोरियाई खिलाड़ियों ने गोल करने की भरसक कोशिश की, लेकिन मेक्सिको के गोलकीपर रेंगल के शानदार बचाव ने उनकी हर कोशिश को विफल कर दिया। रेंगल ने जमीन पर गिरते हुए भी साउथ कोरिया के लगातार दो प्रयासों को रोककर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। अंतिम सीटी बजते ही पूरा स्टेडियम मेक्सिको के समर्थकों के नारों से गूंज उठा। इस जीत के साथ ही ग्रुप ए में मेक्सिको ने अपना शीर्ष स्थान पक्का कर लिया है।
1998 के फ्रांस के रिकॉर्ड की बराबरी, बिना गोल खाए जीत का सिलसिला
मेक्सिको का प्रदर्शन इस विश्व कप में बेमिसाल रहा है। उन्होंने अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में न केवल जीत हासिल की है, बल्कि एक भी गोल नहीं खाया है। यह उपलब्धि फुटबॉल के इतिहास में बहुत कम टीमें ही हासिल कर पाती हैं। मेक्सिको अपनी सरजमीं पर लगातार दो मैच बिना गोल खाए जीतने वाली महज दूसरी टीम बन गई है। इससे पहले, 1998 के फीफा विश्व कप में फ्रांस ने अपनी मेजबानी में शुरुआती दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीते थे। मेक्सिको का यह रक्षात्मक और आक्रामक खेल का संतुलन नॉकआउट दौर में अन्य टीमों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि इस बार मेक्सिकन टीम किसी भी हाल में ट्रॉफी उठाने के लिए तैयार है।











