Naxal Operation : झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रविवार की सुबह जरियागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तिलमी जंगल में पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने संगठन के खूंखार टॉप कमांडर श्रवण दास को मार गिराने के बजाय उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में पुलिस की गोली कमांडर के पैर में लगी, जिससे वह भागने में असमर्थ हो गया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।

गुप्त सूचना पर संयुक्त कार्रवाई और गिरोह की गिरफ्तारी
इस ऑपरेशन की नींव एक सटीक गुप्त सूचना के आधार पर रखी गई थी। पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि तिलमी के घने जंगलों में पीएलएफआई के उग्रवादी किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने के लिए एकत्रित हुए हैं। सूचना मिलते ही जरियागढ़ और कर्रा पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित छापेमारी अभियान शुरू किया। जैसे ही पुलिस बल जंगल के भीतर पहुंचा, उग्रवादियों ने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने संयम और साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे उग्रवादियों के मंसूबे विफल हो गए। इस दौरान कमांडर श्रवण दास के साथ उसके दस्ते के छह अन्य उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें सामु ढोढराय, सुदर्शन सोय, सलीम बोदरा, हर्षित गुड़िया, उमर खान, अलियास नील खान और विष्णु मांझी शामिल हैं।

भारी मात्रा में हथियार और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से पुलिस ने एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। मौके से चार आधुनिक पिस्टल, कई देशी कट्टे और एक दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। इन हथियारों के अलावा, पुलिस को वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। इस बरामदगी में सबसे महत्वपूर्ण एक ‘डायरी’ है, जिसमें क्षेत्र के कई प्रभावशाली ठेकेदारों के नाम, उनके मोबाइल नंबर और उग्रवादियों द्वारा रची जा रही संभावित वारदातों का पूरा कच्चा-चिट्ठा दर्ज है। यह डायरी आने वाले समय में पुलिस के लिए एक बड़ी कड़ी साबित हो सकती है, जिससे क्षेत्र में पनप रहे आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
श्रवण दास का आतंक और वांटेड सूची में नाम
एसपी ऋषभ गर्ग के अनुसार, पकड़ा गया टॉप कमांडर श्रवण दास तोरपा और कर्रा इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बना हुआ था। उस पर रेलवे कंस्ट्रक्शन साइटों पर गोलीबारी, वाहनों में आगजनी और स्थानीय व्यापारियों व ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में था और उस पर पीसीए (PCA) कानून के तहत भी कार्रवाई चल रही थी। फिलहाल, सुरक्षाबलों द्वारा जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य छिपे हुए सदस्यों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। यह गिरफ्तारी खूंटी क्षेत्र में उग्रवाद के खिलाफ पुलिस के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
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