FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान सेनेगल की फुटबॉल टीम के खेमे से बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। मैदान पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जानी जाने वाली सेनेगल की टीम इस समय गंभीर आंतरिक संकट और प्रशासनिक लापरवाही से जूझ रही है। अमेरिका में आयोजित इस वैश्विक टूर्नामेंट के दौरान सेनेगल के कैंप से लगातार अव्यवस्थाओं की खबरें आ रही हैं, जिससे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मनोबल काफी गिर गया है। टीम के भीतर मची यह खलबली टूर्नामेंट में उनके भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

बोनस बकाया और घटिया सुविधाओं से खिलाड़ियों में आक्रोश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ल्ड कप जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे खिलाड़ियों को अब तक उनका निर्धारित बोनस नहीं मिला है। आर्थिक बकाए के चलते टीम के खिलाड़ियों में गहरा असंतोष है। इस समस्या के साथ-साथ टीम के लिए की गई ठहरने की व्यवस्था भी विवादों में है। जिस होटल में खिलाड़ियों को ठहराया गया है, वह सेनेगल की नेशनल टीम के स्तर के अनुरूप नहीं है, बल्कि काफी साधारण और घटिया दर्जे का है। उचित सुविधाओं के अभाव के कारण खिलाड़ी बेहद परेशान हैं और वे अपनी जरूरतों को लेकर होटल प्रबंधन तथा टीम प्रशासन से नाराज चल रहे हैं।

खराब खान-पान और हेड शेफ की अनुपस्थिति
अव्यवस्था का आलम यह है कि खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार तक नसीब नहीं हो पा रहा है। टीम के लिए की गई केटरिंग व्यवस्था काफी लचर है, जिसके कारण खिलाड़ियों को अपनी डाइट पूरी करने के लिए मजबूरन बाहर से खाना ऑर्डर करना पड़ रहा है। इस पूरी समस्या के पीछे का एक बड़ा कारण यह है कि सेनेगल फुटबॉल महासंघ ने टीम के मुख्य हेड शेफ को इस महत्वपूर्ण अमेरिका दौरे पर साथ नहीं भेजा। अनुभवी शेफ की अनुपस्थिति में खिलाड़ियों के खान-पान का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर उनकी शारीरिक फिटनेस और मैदान पर ऊर्जा के स्तर पर पड़ सकता है।
बिना सैलरी के कोच पेप थियाव का संघर्ष
इस पूरे प्रकरण का सबसे चौंकाने वाला पहलू हेड कोच पेप थियाव से जुड़ा है। रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ है कि कोच थियाव पिछले कई महीनों से बिना किसी लिखित कॉन्ट्रैक्ट और बिना वेतन के टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में, जहां टूर्नामेंट में बने रहने के लिए टीम को पूरे अनुशासन और एकाग्रता की आवश्यकता है, फुटबॉल महासंघ की ये गंभीर लापरवाहियां खिलाड़ियों और स्टाफ का ध्यान भटका रही हैं। यदि महासंघ ने इन मुद्दों को जल्द हल नहीं किया, तो इसका नकारात्मक असर टीम के आगामी मैचों में उनके प्रदर्शन पर पड़ना तय है।
आगामी मैचों पर खतरे के बादल
आपको बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सेनेगल ने अब तक अपना एक मुकाबला खेला है, जिसमें उसे फ्रांस के हाथों 3-1 की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद से ही टीम के भीतर का यह आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गया है। अब टीम के लिए अपना अगला मैच 23 जून को नॉर्वे के खिलाफ खेलना है। यदि टीम को इस टूर्नामेंट में आगे बढ़ना है, तो उसे इन प्रशासनिक बाधाओं को पीछे छोड़कर मैदान पर वापसी करनी होगी, अन्यथा यह ऐतिहासिक अवसर हाथ से निकल सकता है।
Iran US Peace Talks : शांति वार्ता के बीच राष्ट्रपति पेजेशकियन का बयान, परमाणु संवर्धन पर अडिग रुख










