Stock Market Update : हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, 22 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने एक शानदार और ऊर्जावान शुरुआत की। निवेशकों के सकारात्मक रुख के चलते बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 357 अंक की बढ़त के साथ 77,160 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई का व्यापक सूचकांक निफ्टी 50 भी पीछे नहीं रहा और 793 अंक की प्रभावशाली उछाल के साथ 24,106 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। बाजार में दिखी यह तेजी निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है, हालांकि वैश्विक स्तर पर चल रही हलचल के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना भी बनी हुई है।

एशियाई बाजारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया और निक्केई की रफ्तार
एशियाई बाजारों के लिए आज का दिन काफी मिला-जुला रहा है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के मूड को सुधारा है, जिसका असर एशियाई सूचकांकों पर साफ देखा जा सकता है। जापान का प्रमुख इंडेक्स ‘निक्केई 225’ आज शानदार फॉर्म में दिखा और 1.82% की मजबूती के साथ 72,550 के पार पहुंच गया। इसी तरह, दक्षिण कोरिया का ‘कोस्पी’ इंडेक्स भी 1.58% की बढ़त के साथ मजबूती से कारोबार कर रहा है। इसके विपरीत, हांगकांग के ‘हैंगसेंग’ इंडेक्स में दबाव देखा गया, जिसमें 1.5% से 2% तक की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,545 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

वॉल स्ट्रीट पर सतर्कता: अमेरिकी फ्यूचर्स में दिखा दबाव
लंबे वीकेंड (19 जून, ‘जूनीथ’ हॉलिडे) के बाद आज अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में फिर से हलचल शुरू हो रही है। हालांकि, सत्र शुरू होने से पहले अमेरिकी इक्विटी बेंचमार्क से जुड़े फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में नरमी के संकेत मिले हैं। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.4% और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.6% की गिरावट देखी गई। डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स भी 183 अंक या 0.4% नीचे ट्रेड कर रहे हैं। ईरान-अमेरिका वार्ता, कच्चे तेल के दामों में अस्थिरता और इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण महंगाई (Inflation) के आंकड़ों को लेकर अमेरिकी निवेशक काफी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक चिंताएं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें एक बार फिर से चिंता का विषय बन गई हैं। ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को ईरान द्वारा दोबारा बंद करने की घोषणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों ने बाजार में तेल की आपूर्ति को लेकर डर पैदा कर दिया है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में 2.06% का उछाल आया है और यह 78.18 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स भी 80 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर, लगभग 81.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल में आई इस तेजी के कारण भविष्य में वैश्विक महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
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