Sergei Shoigu India Visit : रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अत्यंत करीबी माने जाने वाले सर्गेई शोइगु अपनी भारत यात्रा के तहत नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वे यहां भारत की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की उच्च-स्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। शोइगु की उपस्थिति इस बैठक के महत्व को और अधिक बढ़ा देती है, क्योंकि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के इस दौर में ब्रिक्स देशों का एक साथ आना महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश देता है।

वैश्विक नेताओं की भागीदारी और रणनीतिक विमर्श
इस उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक में केवल रूस ही नहीं, बल्कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी और ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों सहित कई सदस्य देशों के प्रमुख सुरक्षा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। अजीत डोभाल के नेतृत्व में, यह बैठक बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने पर केंद्रित है, ताकि ब्रिक्स राष्ट्र वैश्विक मंच पर अपनी सामूहिक आवाज को और अधिक मुखर कर सकें।

किन प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर है चर्चा का केंद्र?
इस सम्मेलन के एजेंडे में दुनिया भर में तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियां मुख्य केंद्र में हैं। चर्चा के दौरान विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद, उभरती हुई नई प्रौद्योगिकियां (जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा), और पश्चिम एशिया व यूक्रेन में चल रहे संकटों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। ब्रिक्स देश यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि कैसे आपसी सहयोग के जरिए इन जटिल चुनौतियों से निपटा जा सकता है। आतंकवाद का मुद्दा हमेशा की तरह भारत के लिए प्राथमिकता में है, और इस बैठक में सदस्य देशों के बीच इस पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सितंबर शिखर सम्मेलन की दिशा में एक अहम कदम
यह बैठक सितंबर में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। इस बैठक में ली जाने वाली सुरक्षा संबंधी नीतियां और आम सहमति आगामी शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। विभिन्न वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर ब्रिक्स देशों के बीच आपसी समन्वय को गहरा करना ही इस बैठक का मुख्य उद्देश्य है। रूस, चीन और भारत जैसे देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति यह स्पष्ट करती है कि यह मंच न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। आगामी घंटों में सदस्य देशों के बीच रणनीतिक मुद्दों पर और भी अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।
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