Korea Triple Murder : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुई भाजपा नेता और उनके सहयोगियों की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच दल ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी भी उसी रात घटनास्थल पर मौजूद थे, जब इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 12 हो गई है। पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि इस हत्याकांड में शामिल हर उस व्यक्ति को सलाखों के पीछे लाया जा सके, जिसने इस साजिश में किसी भी स्तर पर भागीदारी की थी।

सरेंडर और गिरफ्तारी: पुलिस की कार्रवाई ने पकड़ी रफ्तार
इससे पहले, मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत चार लोगों ने मनेंद्रगढ़ थाने में स्वयं आकर सरेंडर कर दिया था। वहीं, अन्य पांच आरोपियों को पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में नामजद केस दर्ज किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में रखा है। बुधवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पीड़ित परिवार के घर जाकर उनसे मुलाकात की और घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार को ढांढस बंधाया।

क्या था मामला: रेत तस्करी का विवाद और जलती हुई कार
यह दर्दनाक वारदात 16 जून की रात नौगईं गांव में घटित हुई थी। सूत्रों के अनुसार, विवाद की जड़ में रेत तस्करी का मामला था। आरोपियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए एक फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया। उस समय कार में एक ही परिवार के पांच लोग सवार थे। इस हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की कार के भीतर ही जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। आरोपियों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी; उन्होंने भाजपा नेता के भाई वीरेंद्र सिंह का गला फरसे से काटकर हत्या कर दी। इस घटना में अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अभी भी चल रहा है।
SIT जांच की मांग: क्षत्रिय समाज का बढ़ता दबाव
इस पूरी घटना ने क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों के समर्थन में आए क्षत्रिय समाज ने इस मामले की जांच ‘विशेष जांच दल’ (SIT) से कराने की पुरजोर मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इतने बड़े हत्याकांड के पीछे के मास्टरमाइंड और असली कारणों का खुलासा केवल निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच से ही संभव है। पुलिस ने समाज को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन लगातार प्रदर्शनों और मांगों के चलते अब प्रशासन पर जांच की गति तेज करने का दबाव बढ़ गया है।
पुलिस प्रशासन की तत्परता और आगामी चुनौतियां
कोरिया पुलिस के लिए यह हत्याकांड एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। 12 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का मुख्य फोकस फरार चल रहे संदिग्धों की धर-पकड़ और इस हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों को न्यायालय में मजबूती से पेश करने पर है। रेत तस्करी से जुड़ा यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी काफी तूल पकड़ चुका है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
Read More : BJP Black Day 25 June : भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक, 25 जून को मनाएगी ‘काला दिवस’











