FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राज़ील ने अपनी खोई हुई लय हासिल करते हुए स्कॉटलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी है। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में विनीसियस जूनियर ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वे मौजूदा दौर के सबसे बेहतरीन फुटबॉलरों में से एक हैं। विनीसियस ने मैच में दो गोल दागे, जिनमें से एक को वीएआर (VAR) द्वारा तकनीकी कारणों से खारिज कर दिया गया। उनकी इस ‘शिकारी’ जैसी फुर्ती और मैथियस कुन्हा की सटीक फिनिशिंग के दम पर ‘सांबा बॉयज़’ ने न केवल मैच जीता, बल्कि अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई कर लिया।

उतार-चढ़ाव भरा सफर और ब्राज़ील की शानदार वापसी
टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में मोरक्को से मिली अप्रत्याशित हार के बाद ब्राज़ील की टीम पर कई सवाल उठ रहे थे। आलोचक यह पूछने लगे थे कि क्या यह टीम खिताब की प्रबल दावेदार है? हालांकि, स्कॉटलैंड के खिलाफ ब्राज़ीलियाई खिलाड़ियों ने इन सभी शंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया। मैच के दौरान स्टेडियम का माहौल ऐसा था मानो ब्राज़ील अपने ही घरेलू मैदान पर खेल रहा हो। पीले झंडों से पटी गैलरी और समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। टीम ने इस मैच में पारंपरिक ‘सांबा’ शैली के बजाय यूरोपियन तर्ज पर अनुशासित और टैक्टिकल फुटबॉल का परिचय दिया, जिसने स्कॉटिश टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया।

मैच का रोमांच और गोल की बारिश
मैच के सातवें मिनट में ही स्कॉटलैंड की रक्षा पंक्ति की गलती का फायदा उठाते हुए विनीसियस ने ब्राज़ील का खाता खोल दिया। इसके बाद 22वें मिनट में उन्होंने एक और गोल किया, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी ने फाउल का हवाला देते हुए इसे अमान्य घोषित कर दिया। हालांकि, पहले हाफ के अंत तक विनीसियस ने लुकास के सटीक क्रॉस को नेट में पहुंचाकर टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। दूसरे हाफ में, लुकास से एक आसान मौका चूकने के बावजूद, मैथियस कुन्हा ने 60वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। विनीसियस के पास हैट्रिक का मौका था, जिसे वह भले ही भुना न सके, लेकिन उन्हें उनके शानदार खेल के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
नेमार की वापसी और भविष्य की रणनीति
इस मैच का एक और आकर्षण स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर की लंबे समय बाद हुई वापसी थी। चोट से जूझ रहे नेमार को मैच के अंतिम 20 मिनट खेलने का मौका मिला। हालांकि वे गोल नहीं कर पाए, लेकिन उनकी उपस्थिति और खेल के प्रति सतर्कता ने प्रशंसकों में उत्साह भर दिया। कार्ले एंसेलोटी की कोचिंग में ब्राज़ीलियाई टीम अब अधिक संगठित और घातक दिख रही है। एंसेलोटी का यह ‘टैक्टिकल फुटबॉल’ मॉडल प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। ब्राज़ील ने लगातार 11वीं बार अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहकर यह साबित कर दिया है कि वे वर्ल्ड कप की सबसे मजबूत टीमों में से एक हैं। वहीं, ग्रुप के दूसरे मैच में मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराकर नॉकआउट में अपनी जगह पक्की की।











