Salman Khurshid : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने हाल ही में उन नेताओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। खुर्शीद का मानना है कि जिस राजनीतिक दल ने किसी व्यक्ति को एक पहचान दी, मान-सम्मान दिया और ऊंचे पदों तक पहुंचाया, उसे कठिन समय में छोड़ देना राजनीतिक नैतिकता के दायरे में नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह हर उस नेता का नैतिक दायित्व और फर्ज है कि वह पार्टी के साथ खड़ा रहे, जिसने उन्हें जीवन में इतना कुछ हासिल करने का अवसर प्रदान किया। उनके अनुसार, यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि विचारधारा है।

जो उम्मीद नहीं देखते, वही पार्टी छोड़कर गए
मीडिया से बातचीत के दौरान सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस छोड़कर जाने वाले नेताओं के प्रति तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कांग्रेस का साथ छोड़ा है, उन्होंने यह संदेश दिया है कि उन्हें अब इस पार्टी के भविष्य में कोई उम्मीद नहीं दिखती। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी में अभी भी ऐसे निष्ठावान लोगों की कमी नहीं है जो हर हाल में कांग्रेस के साथ बने रहना चाहते हैं। ये वे लोग हैं जिनके लिए कांग्रेस केवल एक सत्ता का मंच नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है। उनके मन में पार्टी छोड़ने का विचार तक नहीं आ सकता क्योंकि उनका विश्वास अटूट है।

कांग्रेस के पुनरुद्धार की अटूट उम्मीद
सलमान खुर्शीद ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही वर्तमान में चुनौतियां बड़ी क्यों न हों, लेकिन कांग्रेस का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर पल सफलता मिले, लेकिन हमारा कर्तव्य है कि हम पार्टी को मजबूत बनाए रखें। खुर्शीद ने आशा व्यक्त की कि आज नहीं तो कल, कांग्रेस जरूर सत्ता और जनमानस की राजनीति में वापसी करेगी। उनका तर्क है कि कांग्रेस की जड़ें भारत की उस सोच और आत्मा से जुड़ी हुई हैं, जो देश की मूल प्रकृति है। यही कारण है कि यह पार्टी कभी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकती।
राहुल गांधी के नेतृत्व में नया विश्वास
खुर्शीद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस समय देश के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से युवाओं, किसानों और महिलाओं के हितों को प्राथमिकता देकर वे एक ऐसी राजनीति को आकार दे रहे हैं जो समावेशी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल एक पार्टी का नेतृत्व नहीं कर रहे, बल्कि वे ‘पूरे भारत’ के नजरिए को लेकर चल रहे हैं। खुर्शीद ने स्पष्ट किया कि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता राहुल गांधी के इस विजन और उनके नेतृत्व के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
राजनीति में निष्ठा और विचारधारा का संघर्ष
सलमान खुर्शीद का यह बयान कांग्रेस के भीतर उस चल रहे बड़े मंथन को दर्शाता है, जहाँ पार्टी आत्ममंथन और पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है। अनुभवी नेताओं का यह आह्वान युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक संदेश है कि राजनीति केवल लाभ का खेल नहीं, बल्कि सिद्धांतों पर टिके रहने का साहस है। यह देखना दिलचस्प होगा कि खुर्शीद का यह संदेश पार्टी के भीतर और बाहर क्या प्रभाव डालता है।
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