Agartala Explosion : त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के संकट चौमुहानी स्थित ‘NS अपार्टमेंट’ में गुरुवार देर रात एक भीषण धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। घटना अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में हुई। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के कारण इमारत की खिड़कियों के कांच पूरी तरह चकनाचूर हो गए और दीवारों को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल बन गया। धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, बम डिस्पोजल टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड को घटनास्थल पर भेजा गया।

चश्मदीदों ने बयां की खौफनाक मंजर
इमारत की तीसरी मंजिल पर रहने वाले कुशल देब ने घटना का आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि वह अपने कमरे में थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो पता चला कि पहली मंजिल पर स्थित फ्लैट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि अपार्टमेंट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायलों में एक महिला शामिल है, जिसकी आंख के पास कांच का एक टुकड़ा लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत इलाज के लिए GB अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा, घटना के समय पहली मंजिल पर मौजूद एक युवक को भी गंभीर चोटें आई हैं। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

पुलिस और विशेषज्ञों की जांच जारी
धमाके की सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों में से कुछ इसे गैस सिलेंडर फटने जैसी दुर्घटना मान रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही हैं। घटनास्थल पर मौजूद SDPO देबा प्रसाद रॉय ने मीडिया को जानकारी दी कि रात करीब 12 बजे सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को अलर्ट कर दिया गया था। उन्होंने बताया, “हम तुरंत मौके पर पहुंचे और पाया कि घटना पहली मंजिल पर हुई है। फिलहाल बम स्क्वाड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स घटना के स्रोत और कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।”
सुरक्षा और बचाव कार्यों पर प्रशासन का जोर
घटना के बाद से ही पूरा क्षेत्र पुलिस की निगरानी में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फायर सर्विस की टीम ने एहतियात के तौर पर पूरे अपार्टमेंट की जांच की है ताकि किसी और तरह के खतरे की संभावना न रहे। फॉरेंसिक टीम फ्लैट के अंदर से साक्ष्य जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह वाकई गैस रिसाव का मामला है या फिर कोई अन्य विस्फोटक पदार्थ इसके पीछे था। फिलहाल, प्रशासन ने पूरे अपार्टमेंट को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही इस घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद जताई है।











