होर्मुज जलडमरूमध्य पर हुए रहस्यमय हमले ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता को फिर से संकट में डाल दिया है जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है और अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है…
होर्मुज जलडमरूमध्य पर हुए रहस्यमय हमले ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता को फिर से संकट में डाल दिया है जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है और अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है…

Iran US tension : ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के नाजुक दौर में एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर हमला कर दिया है। यह घटना तब हुई जब कुछ घंटे पहले ही ईरान ने चेतावनी दी थी कि उसकी अनुमति के बिना कोई भी जहाज इस जलमार्ग का उपयोग न करे। इस हमले के बाद, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक एजेंसी उस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा की पूर्ण गारंटी प्राप्त नहीं कर लेती, तब तक कोई भी निकासी अभियान संचालित नहीं किया जाएगा।

इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करने पर सहमत हो गया है, जिसे उन्होंने बड़ी कूटनीतिक जीत बताया। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका का यह दावा पूरी तरह से निराधार है कि ईरान अपनी अनफ्रीज की गई संपत्ति से अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदेगा। उन्होंने इसे दशकों के अविश्वास का परिणाम बताते हुए कहा कि यह केवल अमेरिका द्वारा बोई गई फसल है। इसके अलावा, ईरान ने इजरायल को भी लेबनान के मुद्दे पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बहरीन से ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने का इच्छुक तो है, लेकिन यह समझौता ‘किसी भी कीमत पर’ नहीं होगा। रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा कथित तौर पर ‘टोल’ या ‘फीस’ वसूलने की कोशिशों को सख्ती से नकार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान को इस जलमार्ग पर अवैध रूप से शुल्क वसूलने की छूट दी गई, तो दुनिया भर के देशों में ऐसी अराजकता फैल जाएगी, जो वैश्विक व्यापार के लिए घातक होगी। उन्होंने कहा कि यह किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं हो सकता।
भले ही अमेरिकी अधिकारियों का आधिकारिक तौर पर यही कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए यह मार्ग अत्यंत संवेदनशील है। ब्रिटेन के नौसैनिक समूह के अनुसार, इस हमले के बाद कई मालवाहक जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे वैश्विक व्यापार में डर का माहौल है। ईरान की आक्रामकता और अमेरिका की कठोर नीति के बीच फंसा यह जलमार्ग अब एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।


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