FIFA World Cup 2026: रविवार को खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के रोमांचक मुकाबले में कोलंबिया और पुर्तगाल के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। ग्रुप-के का यह अंतिम मुकाबला बिना किसी गोल के 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। वर्ल्ड कप इतिहास में यह पहला अवसर था जब कोलंबियाई टीम कोई मैच गोलरहित खेलने पर मजबूर हुई। इस परिणाम के बाद कोलंबिया की टीम कुल 7 अंकों के साथ अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रही और अब राउंड ऑफ 32 में उसका मुकाबला घाना से होगा। दूसरी ओर, 5 अंक अर्जित करने वाली पुर्तगाल की टीम ग्रुप में दूसरे स्थान पर रही और उसने भी नॉकआउट का टिकट कटा लिया है। इसी ग्रुप से कांगो ने भी तीसरे स्थान पर रहकर अगले दौर में जगह सुनिश्चित की है।
पुर्तगाल के डिफेंस पर कोलंबिया का लगातार दबाव
मैच में हालांकि कोई गोल नहीं हो सका, लेकिन मैदान पर रोमांच और आक्रामकता की कोई कमी नहीं थी। कोलंबिया ने पुर्तगाल के डिफेंस पर लगातार हमले किए और पूरे मैच के दौरान कुल 26 शॉट दागे, जिनमें से 6 निशाने पर थे। जॉन कोर्डोबा, जॉन आरियास और रिचर्ड रियोस जैसे खिलाड़ियों ने गोल करने के कई स्वर्णिम मौके बनाए, लेकिन वे अंतिम फिनिशिंग में असफल रहे। इसके विपरीत, पुर्तगाली टीम का प्रदर्शन अपेक्षा से काफी फीका रहा। पुर्तगाल ने कुल 13 शॉट लिए, लेकिन उनमें से केवल 2 ही टारगेट पर लग सके। पूरी टीम लय के लिए संघर्ष करती नजर आई और उनके फॉरवर्ड खिलाड़ी कोलंबियाई घेरेबंदी को भेदने में नाकाम रहे।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का निराशाजनक प्रदर्शन और फैंस की नाराजगी
मैच के दौरान पुर्तगाल के स्टार फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो का प्रदर्शन फैंस के लिए सबसे बड़ी निराशा का कारण बना। रोनाल्डो पूरे मैच में न तो कोई बड़ा मौका बनाने में सफल रहे और न ही कोई प्रभावशाली शॉट लगा सके। उनकी एकमात्र कोशिश एक बहुत ही कमजोर लॉन्ग-रेंज फ्री-किक थी, जिसने प्रशंसकों को बुरी तरह निराश किया। सोशल मीडिया पर फैंस ने रोनाल्डो के खराब प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। एक प्रशंसक ने तो यहां तक सवाल उठाया कि रोनाल्डो की फॉर्म को आखिर क्या हो गया है। फैंस का मानना है कि उनके मनमाने शॉट्स और खराब खेल के कारण टीम की लय बार-बार टूट रही थी, जिससे पुर्तगाल जीत के करीब नहीं पहुंच सका।
ऑफसाइड गोल पर विवाद और नॉकआउट का नया समीकरण
मैच के अंतिम पलों में विवाद ने तब जन्म लिया, जब कोलंबिया के डेविंसन सांचेज द्वारा दागे गए गोल को वीएआर (VAR) की मदद से ऑफसाइड करार देते हुए खारिज कर दिया गया। रिप्ले में सूक्ष्म अंतर से सांचेज के पैर को पुर्तगाली डिफेंडर से आगे पाया गया, जिसके बाद फैंस का गुस्सा फूट पड़ा। कई समर्थकों ने फीफा पर पक्षपात का आरोप लगाया। इस ड्रॉ के परिणाम से टूर्नामेंट का नॉकआउट समीकरण भी बदल गया है। अब पुर्तगाल को नॉकआउट चरण में मेसी की अर्जेंटीना टीम से नहीं भिड़ना पड़ेगा। राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल का सामना अब क्रोएशिया से होगा, जो टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की उनकी राह को चुनौतीपूर्ण बना सकता है।
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