CG Youth Congress: छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के भीतर चल रही चुनावी गहमागहमी के बीच एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल सामने आया है। प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रभारी पद से अमित पठानिया को हटाकर डॉ. स्मृति रंजन लेंका को नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी की ओर से इस बदलाव के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति या आधिकारिक घोषणा जारी नहीं की गई है, लेकिन 26 जून को जारी ‘स्टार परफॉर्मर’ की सूची पर डॉ. स्मृति रंजन लेंका के हस्ताक्षर ने इस बदलाव पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। यह नियुक्ति ऐसे संवेदनशील समय में हुई है जब संगठन पहले से ही आंतरिक विवादों और चुनावी गड़बड़ियों के दावों से जूझ रहा है।

विवादों के घेरे में चुनाव: नामांकन प्रक्रिया हुई थी स्थगित
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के वर्तमान चुनाव विवादों के साए में रहे हैं। 24 मई को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही परिसीमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष व्याप्त था। इस विरोध और विवाद के चलते नामांकन की प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ा और इसे 15 जून तक स्थगित कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, डॉ. लेंका के हस्ताक्षर से जारी ‘स्टार परफॉर्मर’ सूची ने भी सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं के बीच नई बहस छेड़ दी है। संगठन में चुनावी पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों ने नेतृत्व को गंभीर मंथन करने पर मजबूर कर दिया है, जिसे इस संगठनात्मक बदलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

चुनावी कार्यक्रम और चयन की जटिल प्रक्रिया
नए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, यूथ कांग्रेस की ब्लॉक और जिला कमेटियों के गठन की रूपरेखा तैयार की गई है। ब्लॉक और जिला स्तर के लिए 29 मई से 13 जून के बीच नामांकन तय किए गए थे, जबकि प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के नामांकन 11 से 13 जून के बीच निर्धारित किए गए। चुनाव की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा रही है, जिसमें 18 से 35 वर्ष की आयु सीमा वाले युवा भाग ले सकते हैं। उम्मीदवारों के लिए वोटर आईडी, आयु प्रमाण-पत्र और 8 सेकंड का एक लाइव वीडियो अपलोड करना अनिवार्य है। इसके बाद दिल्ली में आला कमान द्वारा इंटरव्यू के जरिए अंतिम चयन सुनिश्चित किया जाएगा।
‘एक व्यक्ति-एक पद’ और नियुक्ति के नए नियम
संगठन ने इस बार ‘एक व्यक्ति-एक पद’ का कड़ा नियम लागू किया है, जिसके तहत कोई भी उम्मीदवार एक साथ एक से अधिक पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ सकता। प्रदेश स्तर के प्रमुख पदों के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी अनिवार्य होगी, ताकि चयन प्रक्रिया में पूरी तरह से निष्पक्षता बनी रहे। यह कवायद न केवल संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए है, बल्कि विवादों को खत्म करने की एक कोशिश भी मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और असंतोष को शांत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि डॉ. स्मृति रंजन लेंका के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस विवादों से पार पाकर किस तरह से अपनी नई टीम को मजबूती दे पाती है।
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