Odisha Education : ओडिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत तैयार की गई नई स्कूली पाठ्यपुस्तकों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के शैक्षणिक गलियारों में अब आठवीं कक्षा की कला शिक्षा की किताब ‘कृति’ को लेकर एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। इस किताब के ‘मो संगीत जगत’ अध्याय में बॉलीवुड फिल्मों के लोकप्रिय गीतों—’निंबूड़ा-निंबूड़ा’ (फिल्म: हम दिल दे चुके सनम) और ‘रिंद पोश माल’ (फिल्म: मिशन कश्मीर) के बोल शामिल किए गए हैं। इन गीतों के चयन पर शिक्षाविदों, अभिभावकों और छात्रों ने कड़ा ऐतराज जताया है।

स्थानीय संस्कृति बनाम बॉलीवुड: सोशल मीडिया पर उठ रहे तीखे सवाल
किताबों में बॉलीवुड गीतों को जगह दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इंटरनेट यूजर्स और छात्रों का तर्क है कि एक राज्य-स्तरीय पाठ्यपुस्तक में ओड़िया लोकगीतों, शास्त्रीय संगीत या राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। आलोचकों का कहना है कि स्कूली पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनकी स्थानीय जड़ों और परंपराओं से जोड़ना होता है, लेकिन बॉलीवुड गीतों को शामिल करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह ओडिशा की अपनी मौलिक कला को हाशिए पर धकेलने जैसा है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं नई पाठ्यपुस्तकों में 1,678 गलतियां
यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब राज्य सरकार पहले ही नई पाठ्यपुस्तकों में पाई गई भारी त्रुटियों के कारण आलोचनाओं के केंद्र में रही है। हाल ही में इन किताबों में 1,678 गलतियां पकड़ी गई थीं, जिनमें व्याकरणिक दोषों से लेकर तथ्यात्मक त्रुटियां और आपत्तिजनक सामग्री तक शामिल थी। इन गलतियों ने न केवल सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि छात्रों के भविष्य और शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर भी अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी थीं।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश और अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी कीमत पर पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
सुधार की दिशा में सरकार की नई गाइडलाइंस
विवादों के बीच, सरकार ने पाठ्यपुस्तकों की छपाई और सामग्री की समीक्षा के लिए व्यापक सुधार की योजना बनाई है। जांच समिति द्वारा दी गई 14 सिफारिशों को लागू किया जा रहा है, जिसमें एक समर्पित ‘क्वालिटी एश्योरेंस सेल’ का गठन करना शामिल है। अब कोई भी किताब भाषा, चित्रों और तथ्यात्मक शुद्धता के सख्त मानकों को पार करने के बाद ही प्रिंटिंग के लिए भेजी जाएगी। ‘कृति’ किताब में बॉलीवुड गीतों के समावेश ने एक बार फिर सामग्री की गहन समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है, जिससे भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति न हो।
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