Bihar Politics : बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता निशांत कुमार ने सोमवार को पटना के वीआईपी इलाके में स्थित अपने नए सरकारी आवास—पांच देशरत्न मार्ग—में विधिवत गृह-प्रवेश किया। भवन निर्माण विभाग द्वारा आवंटित इस भव्य बंगले में सोमवार को आयोजित गृह-प्रवेश समारोह के दौरान सत्यनारायण भगवान की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उनके पिता और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित परिवार के अन्य प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे। पूजा के पश्चात निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से इस आवास में अपना निवास शुरू कर दिया।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र: ऐतिहासिक बंगले का इतिहास
पांच देशरत्न मार्ग स्थित यह सरकारी बंगला बिहार की राजनीति में हमेशा से चर्चा का केंद्र रहा है। यह बंगला अपनी भव्यता के साथ-साथ राजनीतिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। परंपरा के अनुसार, इसे अक्सर राज्य के उपमुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के रूप में देखा जाता रहा है। निशांत कुमार से पहले यह बंगला तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास था। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी जब बिहार के उपमुख्यमंत्री थे, तब इसी बंगले में निवास करते थे। इस बंगले का राजनीतिक इतिहास इसे पटना के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी आवासों में से एक बनाता है।

मुख्यमंत्री आवास के बेहद करीब है नया सरकारी आशियाना
निशांत कुमार को आवंटित यह आवास रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। यह बंगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास के बिल्कुल निकट है। साथ ही, यह मुख्यमंत्री आवास के भी काफी करीब है, जिससे प्रशासनिक कार्यों और आपसी संवाद में सुगमता बनी रहेगी। हाल के दिनों में बिहार के शीर्ष नेताओं के आवासों में बदलाव देखने को मिला है। गौरतलब है कि लालू परिवार हाल ही में 10, सर्कुलर रोड से शिफ्ट होकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास में चला गया है, जो पोलो रोड पर स्थित है।
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर मंत्री का बड़ा रोडमैप
अपने नए आवास में शिफ्ट होने के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपना विजन भी साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि बिहार में जल्द ही 11 नए ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। मंत्री ने स्वीकार किया कि स्वास्थ्य विभाग के समक्ष डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने के लिए जल्द ही नई नियुक्तियों के लिए रिक्तियां (वेकेंसी) निकाली जाएंगी।
डिजिटलीकरण और निगरानी से सुधरेगी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली
मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि राज्य के लगभग 15,000 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए एक आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। इसके साथ ही, एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जिससे डॉक्टरों की उपस्थिति और उनके द्वारा किए गए कार्यों का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। इस डिजिटल निगरानी प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का प्रत्येक नागरिक बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सके।
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