FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में आज एक ऐसा अध्याय लिखा गया जिसे फुटबॉल प्रेमी कभी नहीं भूल पाएंगे। पराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन और फुटबॉल की दिग्गज शक्ति मानी जाने वाली जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से शिकस्त देकर पूरे खेल जगत को हिला कर रख दिया। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर अटकी रहीं। यह हार जर्मनी के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि वर्ल्ड कप इतिहास में यह पहला अवसर है जब जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, दूसरी ओर पराग्वे के लिए यह उनके फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत साबित हुई।

चोट को मात देकर जूलियो एनसिसो ने भरा जोश
मैच के शुरुआती क्षणों में जर्मनी ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में पराग्वे पर दबाव बनाने की पुरजोर कोशिश की। हालांकि, पराग्वे के खिलाड़ियों के हौसले बुलंद थे। टीम के 22 वर्षीय युवा फॉरवर्ड जूलियो एनसिसो, जो वॉर्म-अप मैच के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे, ने दर्द को दरकिनार करते हुए मैदान पर उतरने का साहस दिखाया। मैच के 42वें मिनट में मथियास गैलार्जा ने एक शानदार क्रॉस दिया, जिसे एनसिसो ने सटीक हेडर के जरिए जर्मनी के अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोएर के हाथों से दूर जाल में पहुंचा दिया। इस गोल ने पराग्वे को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, गोल के बाद चोट के कारण एनसिसो को मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन उनके द्वारा जलाई गई उम्मीद की किरण पूरी टीम के लिए प्रेरणा बनी रही।

VAR ने बदली किस्मत, जर्मनी का गोल खारिज
मुकाबला उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) के 102वें मिनट में जर्मनी के जोनाथन टाह ने हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाने का दावा किया। जर्मन खेमा जश्न में डूब गया था, लेकिन रेफरी जलाल जायद ने VAR रिव्यू की मदद ली। रिप्ले में साफ दिखा कि गोल से ठीक पहले जर्मनी के वाल्डेमार एंटन ने पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल के साथ फाउल किया था। नियमों के अनुसार गोल को तुरंत खारिज कर दिया गया और पराग्वे को जीवनदान मिल गया। इसके बाद जर्मनी ने काई हाफर्ट्ज और गोरेट्ज़का के जरिए लगातार हमले किए, लेकिन पराग्वे की फौलादी डिफेंस ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
ऑरलैंडो गिल का जलवा और जर्मनी की विदाई
पेनल्टी शूटआउट का रोमांच चरम पर था। एक तरफ विश्व के महान गोलकीपर मैनुअल नोएर थे, तो दूसरी तरफ पराग्वे के 25 वर्षीय युवा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल। गिल ने अपनी असाधारण चपलता का प्रदर्शन करते हुए काई हाफर्ट्ज और निक वोलेतमाडे के शॉट्स को रोककर जर्मनी को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि, नोएर ने भी फैबियन बालबुएना का शॉट रोककर अपनी टीम की उम्मीदें जिंदा रखीं, लेकिन छठे राउंड में जोनाथन टाह दबाव के आगे टिक नहीं सके और उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर से बाहर चला गया। इसके बाद जोस कैनाले ने ठंडे दिमाग से विजयी पेनल्टी दागकर पराग्वे को नॉकआउट चरण (राउंड ऑफ 16) का टिकट दिला दिया।
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