Chhattisgarh AI Hub : छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के नागरिकों को एआई के लिए तैयार करना है। इसका लक्ष्य व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, लोगों की आय में वृद्धि करना और सार्वजनिक सेवाओं को और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है। राज्य में एक सुरक्षित और विश्वसनीय एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा।

छात्रों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम
राज्य सरकार ने एआई के व्यापक प्रसार के लिए पांच प्रमुख स्तंभ निर्धारित किए हैं, जिनमें एआई कौशल विकास और नवाचार पर विशेष जोर दिया गया है। मिशन के तहत स्कूलों में एआई जागरूकता अभियान, रोबोटिक्स क्लब और हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई लैब स्थापित करने की योजना है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करेगी, बल्कि सरकारी कर्मचारियों को भी एआई के उपयोग में दक्ष बनाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति और सटीकता आ सके।

सुरक्षित एआई नीति और डेटा सुरक्षा पर सरकार का जोर
सुरक्षित और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर एक व्यापक एआई नीति तैयार की जा रही है। इसमें डेटा सुरक्षा, नागरिक निजता (Privacy) का संरक्षण और तकनीकी ऑडिट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। शासन में प्रभावी निर्णय लेने के लिए विभागों में एआई आधारित ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ तैयार किया जाएगा और हर विभाग में इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
मोबाइल नेटवर्क और भारतनेट फेज-3 से बदलेगी ग्रामीण कनेक्टिविटी
डिजिटल क्रांति को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं और 577 नए टावरों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। गांवों में एफटीटीएच (FTTH) सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण अंचल में उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल सेवाएं सुलभ होंगी।
सेवा सेतु पोर्टल: पारदर्शिता और सफलता का नया कीर्तिमान
राज्य का ‘सेवा सेतु’ पोर्टल सरकारी सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का मुख्य माध्यम बन गया है। वर्तमान में 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 37.52 लाख का निराकरण कर 94.3 प्रतिशत की प्रभावशाली सफलता दर दर्ज की गई है। क्यूआर आधारित सत्यापन और डीबीटी भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाओं ने इस प्रणाली को अत्यधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बना दिया है। नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग जैसी परियोजनाएं प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेंगी।












