सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए बहुचर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में न्यायालय ने करीब दस माह बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए बहुचर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में न्यायालय ने करीब दस माह बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

Surguja News : सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए बहुचर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में न्यायालय ने करीब दस माह बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने 14 अगस्त 2026 को मामले में दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस की विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला दिया।


मामला दरिमा थाना के अपराध क्रमांक 159/2025 से जुड़ा है। 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात ग्राम कुम्हरता घाधी में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। 23 अक्टूबर की सुबह पुलिस को एक घर में दो शव पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को रीमा लकड़ा एवं जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के शव घर की परछी में मिले। प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई। घटना के बाद घर से बकरियां भी गायब मिलीं।

पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी करीमन मझवार (42) निवासी पम्पापुर और जय श्याम (28) निवासी पम्पापुर को गिरफ्तार किया। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी बरामद की गई। घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए शर्ट भी जब्त किए गए, जिन पर खून जैसे धब्बे पाए गए थे।
घटनास्थल से शवों के पास मिली खून आलूदा मिट्टी, साधारण मिट्टी, मृतकों के कपड़े और पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को पुलिस ने विधिवत जब्त किया। सभी साक्ष्यों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया। घटना में प्रयुक्त हथियार और कपड़ों का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया। इन भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अभियोजन के मामले को मजबूती प्रदान की।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को अभियोग पत्र क्रमांक 164/2025 न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) दो बार, 3(5) तथा 332(क) के तहत आरोप लगाए गए थे। न्यायालय में अभियोजन ने कुल 16 महत्वपूर्ण गवाहों के कथन और 46 आर्टिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए।

मामले में प्रस्तुत परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने करीमन मझवार और जय श्याम को हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने के संबंध में भी विचार किया। निर्णय में माना गया कि मृतकों की क्षति अपूरणीय है और उनके उत्तराधिकारियों को समुचित प्रतिकार प्रदान किया जाना चाहिए।
मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो ने की थी। पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी से आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में सफलता मिली। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश खलखो तथा विवेचना में सहयोग करने वाले दरिमा थाना स्टाफ के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की है।


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