Wimbledon Historic : महान टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच ने विंबलडन 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 39 वर्षीय जोकोविच ने सेंटर कोर्ट पर खेले गए मुकाबले में स्टेफानोस सितसिपास को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 6-2 से पराजित कर टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। केवल एक घंटे 38 मिनट तक चले इस एकतरफा मैच में जोकोविच का अनुभव और खेल कौशल स्पष्ट रूप से हावी रहा। इस जीत के साथ ही जोकोविच ने अपने आठवें विंबलडन खिताब की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है, जो उन्हें इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी के करीब ले जाएगा।

20वीं बार तीसरे दौर में: रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम
यह जीत जोकोविच के लिए महज एक मैच की जीत नहीं, बल्कि टेनिस के इतिहास में एक कीर्तिमान स्थापित करने वाली उपलब्धि है। जोकोविच अब विंबलडन के इतिहास में 20 बार राउंड ऑफ 32 (तीसरे दौर) में पहुंचने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में महान रॉजर फेडरर को भी पीछे छोड़ दिया है, जो अपने शानदार करियर में 18 बार इस चरण तक पहुंचे थे। इतना ही नहीं, जोकोविच अब दुनिया के ऐसे एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कई ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में 20 या उससे अधिक बार तीसरे दौर में जगह बनाने का कारनामा किया है। 2005 में पहली बार इस चरण तक पहुंचने वाले जोकोविच का सफर विंबलडन में निरंतरता का एक अद्भुत उदाहरण पेश करता है।

दो दशकों से अधिक का सफर और फेडरर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना
जोकोविच की यह उपलब्धि इस मायने में भी खास है कि उन्होंने पहली बार विंबलडन के इस चरण में खेलने के 21 वर्षों के बाद भी अपनी फॉर्म और फिटनेस को बरकरार रखा है। इससे पहले केवल रॉजर फेडरर ही ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने दो दशक (20 साल और 8 दिन) के अंतराल के बाद विंबलडन में तीसरे दौर के मैच में हिस्सा लिया था। जोकोविच ने इस रिकॉर्ड को पार करते हुए अपनी अद्वितीय लंबी उम्र और खेल के प्रति समर्पण को साबित किया है। 2008 को छोड़कर, जब वे राउंड ऑफ 64 में बाहर हो गए थे, जोकोविच का विंबलडन में प्रदर्शन हमेशा ही उत्कृष्ट रहा है।
58 साल बाद बना एक नया उम्रदराज रिकॉर्ड
जोकोविच ने एक और अद्भुत रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वे पिछले 58 वर्षों में एक ही कैलेंडर वर्ष में तीन प्रमुख ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों (ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन) के तीसरे दौर में पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि वे मेलबर्न में फाइनल तक पहुंचे थे और पेरिस में तीसरे दौर में बाहर हो गए थे, लेकिन विंबलडन में उनकी यह उपस्थिति टेनिस जगत में उनके कद को और बड़ा बनाती है। जोकोविच का लक्ष्य अब अपने करियर के 25वें ग्रैंड स्लैम की ओर बढ़ना है, और उनका वर्तमान फॉर्म विपक्षी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। टेनिस प्रशंसक अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या वे विंबलडन 2026 में अपने आठवें खिताब के साथ इतिहास रच पाएंगे।
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