Jalgaon Gangrape Case : महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां करीब एक महीने पहले एक 40 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घिनौनी वारदात 2 जून को जामनेर तालुका पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले एक घने वन क्षेत्र में घटित हुई थी। पीड़ित महिला अपने एक पुरुष साथी के साथ जंगल में बैठी हुई थी, तभी वहां आरोपियों का एक समूह आ धमका। शुरुआत में लोकलाज और आरोपियों की खौफनाक धमकियों के डर से पीड़िता ने इस बात की जानकारी किसी को नहीं दी और चुप रही। लेकिन कानून के हाथ आखिरकार आरोपियों तक पहुंच ही गए।

आरोपियों ने पहले दी धमकी, फिर किया सामूहिक दुष्कर्म
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के वक्त 14 से 15 लोगों का एक समूह जंगल में लकड़ी इकट्ठा करने के उद्देश्य से आया था। पीड़ित महिला अपने गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर इस इलाके में पहुंची थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी और महिला एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते थे और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। जान-पहचान होने के बावजूद आरोपियों के मन में दया नहीं आई। उन्होंने पहले महिला और उसके साथी को घेरकर डराया-धमकाया। इसके बाद, समूह के दो मुख्य आरोपियों ने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया, जबकि बाकी साथी मूकदर्शक बनकर इस कृत्य का वीडियो बनाते रहे।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसिया कार्रवाई
यह शर्मनाक मामला तब उजागर हुआ जब 25 जून के आसपास आरोपियों द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई। सोमवार को फत्तेपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें कुल 15 लोगों को नामजद किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, इस संवेदनशील वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर और सर्कुलेट करने के आरोप में तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने दर्ज किया कड़ा मुकदमा, 4 जुलाई तक हिरासत
फत्तेपुर पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) और धारा 77 (वॉयरिज्म) के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही, इंटरनेट पर वीडियो का प्रसार करने के कारण सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए सभी 11 आरोपी मजदूर हैं और उनकी उम्र 30 वर्ष से कम है। मंगलवार को सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कानून व्यवस्था और सघन पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने उन्हें 4 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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