Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद कई दिनों से जारी राहत और बचाव अभियान आखिरकार पूरा हो गया है। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे आखिरी लापता श्रमिक का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही हादसे के बाद लापता बताए जा रहे सभी श्रमिकों को बरामद कर लिया गया है। इस हादसे में छत्तीसगढ़ के चार मजदूरों की मौत हुई है, जबकि राज्य के दो अन्य मजदूर घायल हुए हैं। दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
13 अगस्त को अचानक टनल में घुसा पानी और मलबा
जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त को निर्माणाधीन टनल के भीतर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा घुस गया था। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे श्रमिकों को संभलने या सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। देखते ही देखते टनल का एक बड़ा हिस्सा पानी और मलबे से भर गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने तत्काल राहत अभियान शुरू कर दिया।
पानी और मलबा हटाना बना सबसे बड़ी चुनौती
रेस्क्यू ऑपरेशन के शुरुआती चरण में टनल के अंदर जमा पानी और भारी मलबे को हटाना बचाव टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा। टीमों ने बड़े सक्शन पंप और आधुनिक उपकरणों की मदद से पानी निकालने का काम शुरू किया। इसके साथ ही टनल के भीतर जमा मलबे को भी धीरे-धीरे हटाया गया, ताकि बचावकर्मी सुरक्षित तरीके से अंदर तक पहुंच सकें और संभावित स्थानों पर फंसे श्रमिकों की तलाश की जा सके।
दिन-रात चलता रहा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद बचाव दलों ने लगातार दिन-रात अभियान चलाया। टनल के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन किया गया। पानी और मलबे के बीच आगे बढ़ना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बचावकर्मी सावधानी के साथ संभावित स्थानों पर तलाश करते रहे। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और अभियान की लगातार निगरानी करते रहे। जरूरी संसाधन और उपकरण समय पर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
आखिरी लापता श्रमिक का शव भी बरामद
कई दिनों तक चले अभियान के बाद रेस्क्यू टीमों को बड़ी सफलता मिली। टीम ने टनल में फंसे आखिरी लापता श्रमिक का शव भी बरामद कर लिया। शव मिलने के बाद टनल के भीतर चल रहा सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया। बरामद शव को पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया। इसके साथ ही प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान पूरा होने की पुष्टि की।
हादसे में छत्तीसगढ़ के चार मजदूरों की मौत
इस हादसे में छत्तीसगढ़ के चार श्रमिकों की जान चली गई। मृतकों की पहचान लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम, भुनेश्वर पुत्र सुरेन्द्र कुमार, चेतन पोयाम पुत्र सोनधार पोयाम और देवनाथ पुत्र धनसुराम बघेल के रूप में हुई है। चारों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। हादसे की जानकारी के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है।
छत्तीसगढ़ के दो मजदूर घायल
हादसे में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिक घायल भी हुए हैं। घायलों में सुनील दीवान पुत्र संतोश दीवान, उम्र 20 वर्ष, और पेन सिंह पुत्र पीला सिंह, उम्र 33 वर्ष शामिल हैं। दोनों का उपचार जारी है। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रेस्क्यू अभियान पूरा, परिवारों को राहत की उम्मीद
आखिरी लापता श्रमिक का शव मिलने के साथ ही कई दिनों से चल रहा रेस्क्यू अभियान समाप्त हो गया है। हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के शव मिलने से उनके परिवारों को कम से कम अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार और आगे की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिलेगा। वहीं, घायल मजदूरों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद की जा रही है। इस हादसे ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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