CG News: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गोवा में कांग्रेस के एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम’ के दो पद गाए जाने को लेकर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आजादी और राष्ट्रभावना से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
तोखन साहू ने कांग्रेस से पूरे गीत के गायन की अपील की
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना पैदा करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके मुताबिक, इस गीत ने लोगों के मन में देश और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में कई अमर बलिदानियों ने ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। ऐसे में कांग्रेस को भी इस ऐतिहासिक महत्व को समझना चाहिए और राष्ट्रगीत का पूरा गायन किए जाने पर ध्यान देना चाहिए।
राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर केंद्रीय मंत्री का जोर
तोखन साहू ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश के स्वतंत्रता संघर्ष से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, इस गीत ने उस दौर में लोगों को एकजुट करने और उनमें देश के लिए समर्पण की भावना जगाने का काम किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान केवल राजनीतिक विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे राष्ट्रीय भावना से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से पूरे गीत के गायन की अपेक्षा जताई।
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने दी भाजपा को चुनौती
केंद्रीय मंत्री के बयान पर कोटा से कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने पलटवार किया। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या भाजपा का कोई भी मंत्री सार्वजनिक मंच पर ‘वंदे मातरम’ का पूरा गायन करके दिखाए। कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि भाजपा का कोई बड़ा नेता पूरे गीत का सार्वजनिक रूप से गायन करता है, तो वह उसका सम्मान करते हुए दंडवत प्रणाम करने को भी तैयार हैं।
बंगाली शब्दों के उच्चारण को लेकर विधायक ने दिया तर्क
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के गीत में कुछ शब्दों का उच्चारण बंगाली भाषा से जुड़ा हुआ है। इसलिए पूरे गीत को सही उच्चारण के साथ प्रस्तुत करने के लिए इसे अच्छी तरह सीखना आवश्यक है। उन्होंने इसी संदर्भ में भाजपा नेताओं की चुनौती स्वीकार करने की बात कही और कहा कि केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय सार्वजनिक मंच पर पूरा गीत गाकर दिखाया जाना चाहिए।
दो पदों के गायन की परंपरा का कांग्रेस ने दिया हवाला
कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि आजादी के बाद से देश में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पदों का गायन प्रमुख रूप से होता आया है। उनका कहना है कि इसी परंपरा के तहत कांग्रेस के कार्यक्रम में भी दो पद गाए गए। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार बढ़ती जा रही है।
खड़गे के बयान पर भी जारी है राजनीतिक विवाद
वहीं, ‘वंदे मातरम’ के गायन के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरएसएस और भाजपा को लेकर दिए गए ‘दिमागी शुद्धिकरण’ वाले बयान पर भी राजनीतिक विवाद जारी है। भाजपा नेता जहां कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता इसे पुरानी परंपरा और ऐतिहासिक संदर्भों से जोड़कर जवाब दे रहे हैं। इस तरह ‘वंदे मातरम’ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
राष्ट्रगीत को लेकर आगे भी जारी रह सकती है सियासत
फिलहाल दोनों दलों के नेताओं के बयानों से साफ है कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है। भाजपा इसे राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस आजादी के बाद से चली आ रही गायन परंपरा का हवाला दे रही है। ऐसे में राष्ट्रगीत को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बहस अब छत्तीसगढ़ की सियासत में भी चर्चा का मुद्दा बन गई है।
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