TMC News : पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्वामित्व और पहचान को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात की और पार्टी की आंतरिक स्थिति तथा अपने गुट के दावों को उनके समक्ष मजबूती से रखा। मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए ऋतब्रत ने यह दोहराया कि असली तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व वही कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक जनप्रतिनिधियों और संगठनात्मक पदाधिकारियों का समर्थन उनके गुट को प्राप्त है। यह मुलाकात बंगाल की राजनीति में उस संघर्ष को दर्शाती है, जहाँ पार्टी की कमान को लेकर दो धड़े आमने-सामने हैं।

अधिवेशन के बाद आयोग से की गई दावेदारी
ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि 22 जून को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का एक विशेष अधिवेशन आयोजित किया गया था, जिसमें पार्टी के संगठनात्मक भविष्य और नेतृत्व पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस अधिवेशन के ठीक बाद, उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। ऋतब्रत ने बताया कि उन्होंने कोलकाता स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय में भी अपनी बात रखी थी और तभी से वे लगातार केंद्रीय निर्वाचन आयोग से मिलने का समय मांग रहे थे। उनका तर्क है कि पार्टी की कार्यप्रणाली और बहुमत के समर्थन को देखते हुए उनके गुट को ही ‘असली तृणमूल’ के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।

विधायकों और जन प्रतिनिधियों का समर्थन होने का दावा
नेता प्रतिपक्ष ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश विधायक, नगर निकायों के पार्षद और जिला परिषद के सदस्य उनके साथ हैं। उनका मानना है कि जमीनी स्तर पर पार्टी का बड़ा हिस्सा उनके नेतृत्व पर भरोसा जता रहा है। ऋतब्रत ने अपनी बात को प्रभावी ढंग से चुनाव आयोग के सामने रखते हुए कहा, “हमने अपनी बात विस्तार से और पूरे तथ्यों के साथ आयोग के समक्ष रखी है। हमें पूरा विश्वास है कि चुनाव आयोग हमारे दावों की गंभीरता को समझेगा और हमें जल्द ही इस पर उचित प्रतिक्रिया प्राप्त होगी।”
चुनाव आयोग के रुख और जांच की संभावना
मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने संतोष व्यक्त किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों ने उनकी बातों को बहुत शांति और धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग इस मामले में जल्द ही कोई ठोस कदम उठाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले से जुड़ी कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं की जांच की जाएगी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी के दूसरे गुट या टीएमसी की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऋतब्रत के इस दिल्ली दौरे ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस दावे की जांच कैसे करते हैं।
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