Raipur Fraud Case : राजधानी रायपुर के हयात होटल में लाखों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले देश के कुख्यात ‘होटल ठग’ बिंगसन जॉन को रायपुर पुलिस ने आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। 69 वर्षीय यह शातिर अपराधी पिछले तीन दशकों से देशभर के नामी-गिरामी और लक्जरी होटलों को अपना निशाना बना रहा था। रायपुर पुलिस की तेलीबांधा थाना टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन छानबीन के आधार पर आरोपी को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि बिंगसन जॉन न केवल एक पेशेवर ठग है, बल्कि वह कानून की आंखों में धूल झोंकने में भी माहिर है।

तिहाड़ जेल और चार्ल्स शोभराज से सीखा ठगी का गुर
पुलिस की पूछताछ में इस शातिर ठग की आपराधिक पृष्ठभूमि के कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। बिंगसन जॉन ने बताया कि वर्ष 1996 में जब वह पहली बार तिहाड़ जेल गया था, तब उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज से हुई थी। शोभराज के ठगी करने के तरीकों से प्रभावित होकर उसने अपने तौर-तरीकों में बदलाव किया और देशभर के फाइव स्टार होटलों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाना शुरू कर दिया। पिछले 36 वर्षों का उसका रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि उसने अपनी आधी जिंदगी होटलों की विलासिता में और आधी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे बिताई है।

10 राज्यों में फैला है 300 से अधिक होटलों को ठगने का जाल
तमिलनाडु के रहने वाले इस ठग का आपराधिक ग्राफ बेहद लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा समेत 10 से ज्यादा राज्यों में वांछित है। उसने अब तक देशभर के 300 से अधिक लक्जरी होटलों में धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया है। उसका तरीका हमेशा एक जैसा रहता था; वह खुद को कभी विदेशी पर्यटकों का गाइड, तो कभी अंग्रेजी या योगा टीचर बताकर फाइव स्टार होटलों में कमरा बुक कराता था। होटल की सुविधाओं का भरपूर आनंद लेने और महंगे उपकरण किराये पर लेने के बाद, वह बिना बिल चुकाए रफूचक्कर हो जाता था।
रायपुर के हयात होटल में की 2.12 लाख की धोखाधड़ी
बिंगसन जॉन ने 25 जून को रायपुर के हयात होटल में अपना ठिकाना बनाया और 27 जून की सुबह बिना चेक-आउट किए फरार हो गया। इस दौरान उसने 63,755 रुपये का होटल बिल नहीं चुकाया। इतना ही नहीं, उसने होटल से किराये पर लिया गया करीब 1.48 लाख रुपये का महंगा लैपटॉप भी पार कर दिया। जब होटल प्रबंधन ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके मोबाइल नंबर बंद मिले, जिसके बाद तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
दूसरे राज्यों की पुलिस से भी समन्वय में जुटी रायपुर पुलिस
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रायपुर पुलिस अब दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर उसके विस्तृत आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रायपुर आने से पहले उसने किन अन्य शहरों को अपनी ठगी का केंद्र बनाया था। उसकी गिरफ्तारी से कई राज्यों की पुलिस को राहत मिली है, जो लंबे समय से इस शातिर ठग की तलाश में थे।
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