Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में एक ऐसा चेहरा सामने आया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। ईरान का एक ताकतवर जनरल, जो कई महीनों से सार्वजनिक रूप से गायब था, अचानक रस्मों में दिखा। उसकी वापसी को लेकर अब कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।
Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में एक ऐसा चेहरा सामने आया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। ईरान का एक ताकतवर जनरल, जो कई महीनों से सार्वजनिक रूप से गायब था, अचानक रस्मों में दिखा। उसकी वापसी को लेकर अब कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।

Khamenei Funeral : ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच ईरान की राजनीति और सैन्य गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान की शक्तिशाली अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल अहमद वाहिदी, जो पिछले कई महीनों से सार्वजनिक जीवन से दूर थे, अचानक चर्चा में आ गए हैं। सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में उन्हें अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों से जुड़ी उच्च-स्तरीय बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाते देखा गया है। गुरुवार रात तेहरान में आयोजित एक शोक समारोह के दौरान, जनरल वाहिदी को खामेनेई के ताबूत के पास बैठकर शोक व्यक्त करते हुए देखा गया। फरवरी के बाद से यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति है, जिसने ईरानी शासन की आंतरिक सक्रियता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल वाहिदी इस समय ईरान की उस गोपनीय रणनीतिक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जो अमेरिका और इजराइल के साथ जारी तनाव को कम करने या बातचीत का भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वाहिदी का सीधा संपर्क ईरान के नए सर्वोच्च नेता और अली खामेनेई के पुत्र, मोजतबा खामेनेई से है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायली हवाई हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से ही मोजतबा सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इन हमलों में अली खामेनेई के परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के भी हताहत होने की खबरें थीं, जिसने ईरानी नेतृत्व को भारी संकट में डाल दिया था।

तेहरान स्थित इमाम खोमैनी हुसैनिया में आयोजित शोक सभा का दृश्य बेहद भावुक था। अयातुल्ला खामेनेई का पार्थिव शरीर एक सजे हुए ताबूत में रखा गया था, जिसे लाल रंग के ट्यूलिप फूलों और छत से लटकती कागज की तितलियों से सजाया गया था। शोक मनाने वाले लोग, जिनमें हालिया युद्धों में अपने परिजनों को खोने वाले परिवार भी शामिल थे, अपने स्कार्फ और अन्य व्यक्तिगत सामान ताबूत की ओर उछालकर श्रद्धा व्यक्त कर रहे थे। एक विशेष धार्मिक परंपरा के अनुसार, उपस्थित लोग उन सामानों को ताबूत से स्पर्श करा रहे थे ताकि उन्हें पवित्रता का आशीर्वाद मिल सके। ताबूत को उस विशेष लाल झंडे से ढका गया था जिस पर ‘या हुसैन’ अंकित है, जो इराक के करबला स्थित इमाम हुसैन की दरगाह से लाया गया था। यह शहादत और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कई दिनों तक चलने वाली एक जटिल प्रक्रिया होगी। शनिवार से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला से आगे बढ़ेगा, जहाँ पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न प्रमुख शहरों और अंततः पड़ोसी देश इराक तक ले जाया जाएगा। इस पूरे आयोजन के दौरान तेहरान की सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और आम जनजीवन के बाधित होने की पूरी संभावना है। यह अंतिम विदाई केवल एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि ईरान के लिए एक नई राजनीतिक दिशा तय करने का आधार भी मानी जा रही है। दुनियाभर की नजरें इस आयोजन पर टिकी हैं कि ईरान का नया नेतृत्व किस तरह से इन कठिन परिस्थितियों में देश की कमान संभालता है।
Read More : Stock Market Opening: सेंसेक्स में 480 अंकों की तेजी, निफ्टी 24,300 पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी



© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company.
Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.
